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काशी में इस बार चैत्र नवरात्रि का पर्व ऐतिहासिक होने जा रहा है। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में इस बार ‘शिव संग शक्ति’ की अनूठी आराधना देखने को मिलेगी। चैत्र नवरात्रि के पूरे नौ दिनों तक विश्वनाथ धाम न केवल महादेव के जयघोष से गूंजेगा, बल्कि यहां आदिशक्ति मां दुर्गा की उपासना के विशेष अनुष्ठान, सांस्कृतिक कार्यक्रम और वैदिक मंत्रोच्चार का महासंगम भी होगा। मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं के लिए इस पावन अवसर को दिव्य और भव्य बनाने की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। 11 कलशों से होगा बाबा का जलाभिषेक नवरात्रि के पहले दिन काशी विश्वनाथ धाम में पारंपरिक कलश स्थापना के साथ उत्सव का शुभारंभ होगा। इस बार विशेष आकर्षण मंगला आरती के समय दिखेगा, जब माता विशालाक्षी के दरबार से लाए गए 11 कलश गंगाजल से बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक किया जाएगा। यह परंपरा शिव और शक्ति के अटूट संबंध को दर्शाती है, जिसकी तैयारियां धाम में जोरों पर हैं। धाम में गूंजेंगे दुर्गा सप्तशती के पाठ काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के सीईओ विश्वभूषण मिश्रा के अनुसार, नौ दिनों तक धाम का वातावरण पूरी तरह देवीमय रहेगा। ‘हर-हर महादेव’ के साथ-साथ यहाँ दुर्गा सप्तशती के पाठ किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, शाम के समय विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा, जिसमें भजन संध्या और माता दुर्गा के स्वरूपों पर आधारित नाट्य मंचन मुख्य आकर्षण होंगे। इस सांस्कृतिक संध्या कार्यक्रम में मालिनी अवस्थी भी शामिल होंगी। गंगा आरती का नवरात्र के पहले दिन से होगा शुभारंभ विश्वनाथ मंदिर के गंगा द्वार के ठीक सामने गंगा आरती का शुभारंभ नवरात्र के पहले दिन से शाम छह बजे से होगा। मंदिर न्यास ने सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ पूर्ण कर ली हैं। यह सुनिश्चित किया गया है कि श्रद्धालुओं को आरती दर्शन के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। श्रद्धालुओं के लिए यह आयोजन एक अद्भुत आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करेगा, जिसमें वे गंगा नदी के तट पर एकत्रित होकर आरती में भाग लेंगे।
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नवरात्रि पर 11 कलश से बाबा विश्वनाथ का होगा जलाभिषेक:धाम में गूंजेंगे दुर्गा सप्तशती के पाठ,पहली बार मंदिर के गंगा द्वार पर शुरू होगी गंगा आरती