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सहारनपुर में शनिवार दोपहर को प्रधान संगठन के अध्यक्ष संजय वालिया ने ग्राम प्रधानों के प्रशासक पद को लेकर चल रही अटकलों पर स्थिति स्पष्ट की है। यह अटकलें इलाहाबाद हाईकोर्ट के एक आदेश के बाद शुरू हुई थीं। संजय वालिया ने बताया कि हाईकोर्ट ने प्रशासकों के कार्यकाल पर कोई रोक नहीं लगाई है। उन्होंने कुछ मीडिया संस्थानों में प्रशासकों को हटाए जाने या उनके कार्यकाल पर रोक लगाए जाने संबंधी खबरों को भ्रामक बताया है। प्रधान संगठन अध्यक्ष ने कहा कि संगठन अदालत का पूरा सम्मान करता है और उसके हर आदेश को स्वीकार करेगा। उन्होंने जानकारी दी कि हाईकोर्ट ने ओबीसी आयोग, चुनाव आयोग और राज्य सरकार से चुनाव के समय और प्रक्रिया पर रिपोर्ट मांगी है। इन सभी पक्षों को 13 जुलाई को अदालत में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करनी है। संजय वालिया ने प्रदेश के लगभग 58 हजार प्रधानों को आश्वस्त किया कि वे सभी अभी प्रशासक के रूप में अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब तक कोर्ट का कोई स्पष्ट आदेश नहीं आता, तब तक वे अपने पद पर बने रहेंगे। वालिया ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि चुनाव में देरी होती है, तो संविधान और प्रदेश सरकार के प्रावधानों के तहत प्रशासक नियुक्त करने की व्यवस्था पहले भी रही है। उन्होंने जिला प्रशासन या किसी अन्य माध्यम से प्रधानों को हटाने की बात को भी केवल भ्रम फैलाने वाला बताया। उन्होंने ग्राम प्रधानों को गांव के विकास की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी बताया। संजय वालिया के अनुसार, एक अधिकारी के पास कई गांवों की जिम्मेदारी होती है, जबकि प्रधान सीधे अपने गांव की हर समस्या और विकास कार्यों से जुड़े होते हैं। पिछले पांच वर्षों में प्रधानों ने सरकारी योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है। संजय वालिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक विकसित भारत के दृष्टिकोण और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रधान गांवों के विकास में लगातार योगदान देते रहेंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का धन्यवाद करते हुए कहा कि सरकार ने प्रधानों पर विश्वास जताकर उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है।
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'हाईकोर्ट ने प्रशासकों के कार्यकाल पर नहीं लगाई रोक':सहारनपुर में प्रधान संगठन के अध्यक्ष प्रधानों को किया आश्वस्त