फाफामऊ बाईपास रेल लाइन का दोहरीकरण तेज:प्रयागराज में 4 गांवों की 10225 वर्गमीटर जमीन का होगा अधिग्रहण


प्रयागराज में फाफामऊ बाईपास रेल लाइन के दोहरीकरण परियोजना को गति दी जा रही है। जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में परियोजना की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को भूमि अधिग्रहण से लेकर निर्माण कार्य तक सभी चरणों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के सख्त निर्देश दिए हैं। यह दोहरीकरण परियोजना फाफामऊ बाईपास ‘ए’ केबिन से ‘बी’ केबिन तक 2.736 किलोमीटर लंबी है। यह खंड रेलवे नेटवर्क के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे ट्रेनों के संचालन में देरी कम होगी और फाफामऊ स्टेशन पर ट्रेनों का दबाव नियंत्रित होगा। रेलवे द्वारा प्रस्तुत डीपीआर के अनुसार, पूरे रूट के एलाइनमेंट को अंतिम रूप दिया जा रहा है। परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण एक महत्वपूर्ण चरण है। राजस्व विभाग को इस प्रक्रिया में विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, चार गांवों फाफामऊ, बहमलपुर, कोरसंद और रंगपुरा से कुल 10,225 वर्गमीटर जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि किसानों और जमीन मालिकों से संवाद स्थापित कर अधिग्रहण प्रक्रिया को विवाद रहित तरीके से पूरा किया जाए। उन्होंने रेलवे, राजस्व विभाग और स्थानीय निकायों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया। इसका उद्देश्य फाइलों के निस्तारण में देरी से बचना और प्रशासनिक व तकनीकी बाधाओं का तत्काल समाधान करना है। इस रेललाइन के दोहरीकरण से प्रयागराज जंक्शन और फाफामऊ के बीच ट्रेनों का सुरक्षित और तेज परिचालन संभव होगा। इससे वाराणसी, अयोध्या और लखनऊ से आने-जाने वाली ट्रेनों को विशेष लाभ मिलेगा। दोहरीकरण के बाद ट्रेनों को आउटर पर खड़ा नहीं करना पड़ेगा, जिससे यात्रियों का बहुमूल्य समय बचेगा। जल्द शुरू होगा जमीन का सीमांकन
बैठक में अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे) संजीव कुमार शाक्य सहित रेलवे के वरिष्ठ अभियंता, भू-अर्जन विभाग के अधिकारी एवं अन्य संबंधित विभागीय प्रमुख मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने कहा कि परियोजना में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आने वाले दिनों में जमीन अधिग्रहण के लिए सीमांकन की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है।

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