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प्रयागराज के फाफामऊ में 17 वर्षीय किशोरी के घायल मिलने के मामले में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। शुरुआती जांच में जहां मामला अज्ञात हमलावरों द्वारा धारदार हथियार से हमला किए जाने का बताया गया था, वहीं पुलिस की गहन जांच में सामने आया कि किशोरी अपने परिचित युवक के साथ बेला कछार गई थी, जहां युवक के तमंचे से चली गोली उसके पैर में लग गई। इसके बाद आरोपी ने उसे और उसके परिवार को झूठी कहानी बताने के लिए दबाव बनाया।
पुलिस ने मामले में मुख्य आरोपी मो. अरबाज उर्फ डैनी और उसके साथी सुहेल अहमद को बुधवार रात मलाक हरहर रेलवे पुल के पास से गिरफ्तार कर लिया।
एक साल से थी जान-पहचान
पुलिस के मुताबिक किशोरी और मो. अरबाज उर्फ डैनी एक-दूसरे को करीब एक वर्ष से जानते थे और दोनों के बीच लगातार बातचीत होती थी। 22 जून की दोपहर किशोरी अपनी बुआ के साथ फाफामऊ बाजार गई थी। वहीं से उसने फोन कर डैनी को बुलाया।
डैनी अपने दोस्त सुहेल अहमद की कार से वहां पहुंचा। किशोरी और उसकी बुआ दोनों कार में बैठ गईं। कुछ दूर जाने के बाद बुआ को उनके घर के पास उतार दिया गया, जबकि किशोरी डैनी के साथ घूमने चली गई। बाद में उसे वापस घर छोड़ दिया गया।
शाम को दोबारा बुलाया और बेला कछार पहुंची
पुलिस जांच में सामने आया कि उसी शाम करीब साढ़े पांच बजे किशोरी ने दोबारा डैनी को फोन कर बुलाया। वह सुलभ शौचालय के पास से कार में बैठकर उसके साथ बेला कछार चली गई।
वहां दोनों टहल रहे थे। इसी दौरान किशोरी ने डैनी के पास मौजूद तमंचा देखा और उसे चलाकर दिखाने की बात कही। पुलिस के अनुसार डैनी ने तमंचा चलाने की कोशिश की। पहला फायर सही तरीके से नहीं चला, लेकिन दूसरे प्रयास में तमंचे से निकली गोली सीधे किशोरी के पैर में जा लगी।
गोली लगने के बाद रची गई झूठी कहानी
गोली लगने के बाद किशोरी ने अपनी मां को फोन कर बुलाया। इस दौरान आरोपी डैनी ने उस पर दबाव बनाया कि वह पुलिस और परिजनों को सच्चाई न बताए।
पुलिस का कहना है कि आरोपी की धमकी के कारण किशोरी ने अपनी मां और पुलिस को बताया कि शौच के लिए जाते समय दो-तीन अज्ञात युवकों ने उस पर धारदार हथियार से हमला कर दिया था। इसी आधार पर उसकी मां की तहरीर पर अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया।
डॉक्टरों की शुरुआती राय ने बढ़ाया भ्रम
घटना के बाद किशोरी को पहले फाफामऊ के निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल रेफर कर दिया गया। प्रारंभिक परीक्षण में चोट धारदार हथियार से होने की आशंका जताई गई थी।
हालांकि बाद में विस्तृत मेडिकल जांच और उपचार के दौरान चिकित्सकों ने स्पष्ट किया कि किशोरी के पैर में गोली लगी है। इसके बाद पुलिस ने जांच की दिशा बदल दी।
सीसीटीवी, सीडीआर और बुआ के बयान से खुला राज
पुलिस टीम ने घटना के अनावरण के लिए आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। साथ ही किशोरी और आरोपी के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) का एनलिसिस किया गया।
जांच में घटना के समय दोनों के बीच लगातार बातचीत होना सामने आया। किशोरी की बुआ से पूछताछ में मिले तथ्यों का मिलान सीसीटीवी फुटेज से किया गया, जिसमें संदिग्ध कार दिखाई दी। इसके बाद पूरी कहानी स्पष्ट हो गई।
साथी की भूमिका सहयोगी की
पुलिस के अनुसार सुहेल अहमद घटना के दौरान आरोपी के साथ मौजूद था और उसने पूरे घटनाक्रम में सहयोग किया। इसी आधार पर उसे भी मामले में आरोपी बनाया गया है।
पुलिस ने दोनों को भेजा जेल
डीसीपी गंगानगर कुलदीप सिंह गुनावत ने बताया कि फाफामऊ थाना और एसओजी/सर्विलांस सेल की संयुक्त टीम ने बुधवार रात करीब साढ़े आठ बजे दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उन्हें जेल भेज दिया गया है।
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