KGMU Power Outage, Lucknow Patients Suffer, Services Disrupted

KGMU के शताब्दी भवन में बिजली की लाइन में फॉल्ट के चलते मरीजों और तीमारदारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह 10 से शाम पांच बजे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। इसकी वजह से भवन में संचालित कई जरूरी सेवाएं प्रभावित रहीं। करीब सात घंटे तक बिजली संक

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इन विभागों का हो रहा संचालन

शताब्दी भवन में रेडियोथेरेपी, ब्लड एंड ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन, न्यूक्लीयर मेडिसिन, पल्मोनरी एंड क्रिटिकल केयर मेडिसिन विभाग, मेडिकल आंकोलॉजी, हिमैटोलॉजी, सर्जिकल आंकोलॉजी, गेस्ट्रोमेडिसिन समेत दूसरे विभागों का संचालन हो रहा है।

सुबह करीब नौ बजे बिजली गुल हो गई। इसके बाद पूरे बैकअप सिस्टम से सिर्फ पंखे ही चल सके। सेंट्रल AC और अन्य जरूरी सुविधाएं प्रभावित रहीं। गर्मी और उमस के बीच वार्डों में भर्ती मरीजों को काफी दिक्कत हुई। गंभीर मरीजों के तीमारदार भी व्यवस्था को लेकर परेशान नजर आए।

परेशान रहे मरीज-तीमारदार

बिजली संकट का असर शताब्दी भवन में संचालित HRF (हॉस्पिटल रिवॉल्विंग फंड) काउंटर पर भी पड़ा। बिजली नहीं होने से काउंटर का कामकाज ठप हो गया। मरीजों को दवाओं व अन्य प्रक्रियाओं के लिए इंतजार करना पड़ा। इसके अलावा भवन की छह में से तीन लिफ्ट भी बंद रहीं। इससे मरीजों, बुजुर्ग तीमारदारों और स्ट्रेचर से आने-जाने वालों को परेशानी हुई। कई लोगों को सीढ़ियों या चालू लिफ्ट के लिए इंतजार करना पड़ा। वहीं बिजली न होने से इलाज में इस्तेमाल होने वाली बड़ी मशीनों का संचालन नहीं हो सका।

दिन भर बाधित रही आपूर्ति

मरीजों और तीमारदारों का कहना था कि अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर बिजली व्यवस्था को लेकर अतिरिक्त सतर्कता जरूरी है। लंबे समय तक बिजली बाधित रहने से मरीजों की परेशानी बढ़ जाती है। बिजली लाइन में फॉल्ट के कारण यह समस्या आई। पूरे दिन भवन में स्थिति सामान्य नहीं हो सकी और कई सेवाएं प्रभावित रहीं। KGMU प्रशासन की ओर से बिजली आपूर्ति बहाल करने के प्रयास किए गए, लेकिन इस घटना ने शताब्दी भवन में बिजली बैकअप और आपात व्यवस्था की मजबूती पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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