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देवरिया में जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने जनपद के पांच आकांक्षात्मक विकास खंडों में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और ग्रामीण समस्याओं के समाधान के लिए अधिकारियों को नियमित रूप से गांवों का भ्रमण करने का निर्देश दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि निरीक्षण में लापरवाही या निर्देशों की अनदेखी करने वाले अधिकारियों के खिलाफ वेतन रोकने के साथ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जाएगी। जनपद के गौरीबाजार, लार, बरहज, भागलपुर और बनकटा विकास खंडों को आकांक्षात्मक ब्लॉक के रूप में चिन्हित किया गया है। इन ब्लॉकों में निर्धारित संतृप्तीकरण मानकों को पूर्ण रूप से लागू कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों की टीमें गठित की हैं। इन टीमों को गांवों में जाकर समस्याओं, आवश्यकताओं और संसाधनों की उपलब्धता का आकलन कर समाधान सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने टीम सदस्यों से निरीक्षण का फीडबैक लिया। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक नामित अधिकारी हर सप्ताह मंगलवार और बुधवार को अपने निर्धारित क्लस्टर के गांवों का अनिवार्य रूप से दौरा करें। निरीक्षण का उद्देश्य केवल कमियां खोजना नहीं, बल्कि समाधान आधारित और सहयोगात्मक दृष्टिकोण अपनाना होना चाहिए। जिलाधिकारी ने अधिकारियों से ग्राम स्वच्छता, स्वास्थ्य एवं पोषण समितियों की गतिविधियों की समीक्षा करने तथा आवश्यक उपकरणों और संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित कराने को कहा। साथ ही, आईसीडीएस, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति का भी मूल्यांकन कर समस्याओं का तत्काल समाधान कराने के निर्देश दिए गए। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि अधिकारी एक दिन में एक ही गांव का विस्तृत निरीक्षण करें और ग्रामीणों से सीधे संवाद स्थापित कर उनकी वास्तविक समस्याओं को समझें। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राजेश कुमार सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. ए.के. गुप्ता, जिला विकास अधिकारी एस.के. सिंह, परियोजना निदेशक अनिल कुमार, डीसी एनआरएलएम आलोक कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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लापरवाही करने वालों का रोका जाएगा वेतन:देवरिया में डीएम ने अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी