weather mp UP bihar jharkhand pre monsoon rain up maharatshtra heatwave alert

  • Hindi News
  • National
  • Weather Mp UP Bihar Jharkhand Pre Monsoon Rain Up Maharatshtra Heatwave Alert

भोपाल/जयपुर/लखनऊ/पटना56 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, छत्तीसगढ़, हरियाणा और दिल्ली में प्री-मानसून बारिश हो रही है। इसके बावजूद यूपी और राजस्थान समेत 8 राज्यों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ है।

मध्य प्रदेश के 5 जिलों में तेज आंधी और बारिश हुई। राजगढ़ में बिजली गिरने से काका-भतीजे की मौत हो गई। राजस्थान के कोटा और उदयपुर में भी बारिश हुई। मौसम विभाग ने 12 जिलों में आंधी-बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

बिहार के वैशाली में बिजली गिरने से 3 लोगों और शेखपुरा में 1 व्यक्ति की मौत हुई। नेपाल में भारी बारिश के कारण किशनगंज में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। मेची नदी उफान पर है और दर्जनों गांवों में पानी भर गया है।

झारखंड में पिछले 24 घंटे में बिजली गिरने से 8 लोगों की जान गई। मृतकों में दो महिलाएं और दो साल का बच्चा भी शामिल हैं। सबसे ज्यादा 3 मौतें हजारीबाग में हुईं। कोलकाता एयरपोर्ट पर अगरतला जाने वाली इंडिगो की फ्लाइट पर बिजली गिर गई।

हिमाचल प्रदेश के किन्नौर में शोंगटोंग पावर प्रोजेक्ट की बैराज साइट पर पहाड़ी दरकने से भारी मलबा गिर गया। निर्माणाधीन बैराज को नुकसान पहुंचा, जबकि मजदूरों ने भागकर अपनी जान बचाई।

मानसून तेलंगाना में अटका

मानसून 15 दिन में 19 राज्यों तक पहुंच चुका है, लेकिन 8 जून से तेलंगाना में अटका हुआ है। 11 दिन हो गए हैं, ये आगे नहीं बढ़ रहा है। इससे उत्तर-मध्य भारत के 7 राज्य बारिश के लिए तरस रहे हैं। इन राज्यों में 60% तक कम बारिश रिकॉर्ड की गई है।

मैप में देखिए, कहां तक पहुंचा मानसून

देशभर में मौसम की 4 तस्वीरें…

मध्य प्रदेश के बड़वानी में बारिश से किसान की 9 एकड़ फसल तबाह हो गई।

मध्य प्रदेश के बड़वानी में बारिश से किसान की 9 एकड़ फसल तबाह हो गई।

बिहार के किशनगंज में कई गांवों के घरों में बारिश का पानी घुस गया है।

बिहार के किशनगंज में कई गांवों के घरों में बारिश का पानी घुस गया है।

नवी मुंबई एयरपोर्ट की छत से बारिश का पानी गिरा, जिससे यात्रियों को परेशानी हुई।

नवी मुंबई एयरपोर्ट की छत से बारिश का पानी गिरा, जिससे यात्रियों को परेशानी हुई।

कोलकाता एयरपोर्ट पर तेज बारिश के बाद पानी भर गया।

कोलकाता एयरपोर्ट पर तेज बारिश के बाद पानी भर गया।

8 राज्यों में गर्मी का असर, पारा 40°C पार

मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र और तेलंगाना के कई शहरों में बुधवार को पारा 40°C से ज्यादा रहा। देश में सबसे ज्यादा पारा उत्तर प्रदेश के बांदा में 44.2°C दर्ज किया गया।

वहीं यूपी के प्रयागराज में 43.6°C, एमपी के खजुराहो 42.4°C, महाराष्ट्र के ब्रह्मपुरी में 42.1°C, छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में 42°C, बिहार के छपरा में 41.8°C और झारखंड के डाल्टनगंज में 40°C रहा।

अल नीनो के हालात भी बन रहे

अमेरिकी राष्ट्रीय महासागरीय एवं वायुमंडलीय प्रशासन (NOA) ने उपग्रह के आधार पर एक रिपोर्ट तैयार की है। इसके अनुसार इंटरट्रॉपिकल कन्वर्जेंस जोन पर्याप्त गति से सक्रिय नहीं हो पाया है, इससे मानसून की रफ्तार धीमी है। यह सामान्य रूप से जून के मध्य तक उत्तर की ओर बढ़कर भारत में नमी खींचता है।

अल नीनो की परिस्थितियां भी बन रही हैं। इससे लंबे समय तक सूखा और असमान बारिश देखने को मिल सकती है। उपग्रह के आंकड़े पूर्वी भारत में सक्रिय गरज-चमक का संकेत देते हैं। लेकिन मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान और पश्चिमी भारत में बादलों का घनापन कम है।

अगले दो दिन के मौसम का हाल

21 जून:

  • बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में बारिश की संभावना। बिहार में कुछ जगहों पर 50-70kmph की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
  • असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है।
  • राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। कई इलाकों में 40-60kmph की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।

22 जून:

  • सिक्किम, उत्तर बंगाल, असम और मेघालय में भारी बारिश की संभावना है।
  • राजस्थान और मध्य प्रदेश में बारिश के साथ 40-60kmph की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
  • झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है।
  • तमिलनाडु, पुडुचेरी, कर्नाटक और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में बारिश जारी रह सकती है।

जेट स्ट्रीम कमजोर होने पर आगे बढ़ेगा मानसून

मौसम विभाग के मुताबिक, जेट स्ट्रीम का मौजूदा पैटर्न कमजोर होने पर मानसूनी हवाएं तेज होंगी। अगले 4-5 दिनों में मानसून के महाराष्ट्र, कर्नाटक, छत्तीसगढ़ और अन्य हिस्सों में आगे बढ़ने की परिस्थितियां बन सकती हैं।

जेट स्ट्रीम वायुमंडल की ऊपरी परतों में बहने वाली बहुत तेज हवाएं हैं। ये आमतौर पर पृथ्वी की सतह से करीब 8 से 15 किलोमीटर की ऊंचाई होती है। ये मानसूनी बादलों और वेस्टर्न डिस्टर्बेंस यानी पश्चिमी विक्षोभ को प्रभावित करती हैं।

खबरें और भी हैं…

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Newsmatic - News WordPress Theme 2026. Powered By BlazeThemes.