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लखनऊ के चारबाग स्थित रवींद्रालय सभागार में मंगलवार को गायक किशोर कुमार की 97वीं जयंती पर एक संगीतमय संध्या का आयोजन किया ।यह कार्यक्रम रंग भारती एवं अखिल भारतीय सांस्कृतिक, साहित्यिक एवं सामाजिक संस्था की ओर से आयोजित किया गया। इस आयोजन में शहर के कलाकारों ने किशोर कुमार के अमर गीतों को प्रस्तुत किया, जिससे पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। इस संगीत संध्या का मुख्य आकर्षण गायक आशीष निगम और गायिका जया श्रीवास्तव की प्रस्तुतियां रहीं। आशीष निगम ने अपनी सुरीली आवाज में किशोर कुमार के कई रोमांटिक और ऊर्जावान गीतों को मंच पर जीवंत कर दिया। उन्होंने ‘रूप तेरा मस्ताना’ और ‘सामने ये कौन आया’ जैसे सदाबहार गानों की प्रस्तुति देकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। ‘कोरा कागज था यह मन मेरा’ दर्शकों को पसंद आया वहीं, गायिका जया श्रीवास्तव ने किशोर कुमार के युगल गीतों में अपनी आवाज का जादू बिखेरा। जया ने ‘कोरा कागज था यह मन मेरा’ और ‘आपकी आंखों में कुछ महके हुए से राज हैं’ जैसे गीतों से दर्शकों को खूब पसंद आया। दोनों कलाकारों की जुगलबंदी ने समां बांध दिया और दर्शक देर रात तक इस संगीतमय महफिल का आनंद लेते रहे। आयोजन के दौरान, रंग भारती संस्था के पदाधिकारियों ने किशोर कुमार के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। संस्था के अध्यक्ष ने कहा कि किशोर कुमार सिर्फ एक गायक नहीं, बल्कि भारतीय संगीत के एक युग थे, जिनकी आवाज आज भी हर पीढ़ी के दिल को छूती है। इस कार्यक्रम में शहर के कई गणमान्य नागरिक, साहित्यकार और बड़ी संख्या में संगीत प्रेमी उपस्थित रहे।
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किशोर कुमार की 97वीं जयंती पर संगीतमय शाम:लखनऊ के रवींद्रालय में शहर के कलाकारों ने दी प्रस्तुति