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सम्भल के सिरसी स्थित करबला मोहल्ला शर्की सादात में दरगाह हजरत जैनब पर तीन दिवसीय वार्षिक मजलिसों का आयोजन संपन्न हुआ। इन धार्मिक मजलिसों में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने भाग लिया और उलेमाओं के संबोधनों को सुना। तीन दिवसीय मजलिसों के दौरान विभिन्न उलेमाओं ने कर्बला की घटना और अहलेबैत के बलिदानों पर प्रकाश डाला। आखिरी दिन की मजलिस के बाद अलम मुबारक का जुलूस निकाला गया। इस दौरान अंजुमन जुल्फकारे हैदरी के नौहाख्वानों ने नौहे पेश किए, जिस पर अकीदतमंदों ने मातम किया। मजलिस को संबोधित करते हुए मौलाना शादाब मेहंदी जाफरी ने कहा कि इंसान को हमेशा सच्चाई और हक के रास्ते पर चलना चाहिए। उन्होंने कलम की ताकत को पहचानने और सच कहने से न डरने का आह्वान किया। मौलाना जाफरी ने यह भी बताया कि मासूमीन की शिक्षा है कि कितनी भी मुश्किलें आएं, इंसान को हमेशा सच्चाई का साथ देना चाहिए। उन्होंने आगामी मोहर्रम का जिक्र करते हुए कहा कि अज़ादारी पूरी मर्यादा, सम्मान और निष्ठा के साथ की जाए, ताकि किसी व्यक्ति या समुदाय को कोई परेशानी न हो। मजलिस के अंत में हज़रत इमाम हुसैन के भाई हज़रत अब्बास अलमदार के मसाइब बयान किए गए। मजलिस के समापन के बाद अलम मुबारक का जुलूस निकाला गया, जिसमें अकीदतमंदों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस अवसर पर शहर में धार्मिक माहौल बना रहा। इस श्रृंखला की अन्य मजलिसों को मौलाना मोहम्मद अब्बास, मौलाना असगर अब्बास, मौलाना हुसैन अब्बास और मौलाना मीसम अब्बास ने भी संबोधित किया। उन्होंने कर्बला के संदेश को विस्तार से समझाया।
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संभल में 3 दिवसीय सालाना मजलिसें संपन्न:बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने की शिरकत, उलेमाओं ने किया संबोधित