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कानपुर के चकेरी थाना क्षेत्र में धोखाधड़ी के तीन अलग-अलग मामले सामने आए हैं। सरकारी नौकरी का झांसा देकर और ऑनलाइन माध्यम से ठगी की गई है। पीड़ितों ने गुरुवार को चकेरी थाने में प्राथमिकी दर्ज कराकर कार्रवाई की मांग की है। पहला मामला – मंगला विहार निवासी शिशिर कान्त तिवारी ने बताया कि तीन लोगों ने उन्हें सरकारी संविदा नौकरी दिलाने के नाम पर 1,54,500 रुपये ठग लिए। वर्ष 2024 में उनकी मुलाकात आरके तिवारी से हुई थी, जिसने अधिकारियों से करीबी संबंध होने का दावा किया और उन्हें राजेश व हासिम से मिलवाया। आरोप है कि नौकरी दिलाने की प्रक्रिया के बहाने उनसे लगातार रकम वसूली गई। आरोपियों ने खाद्य प्रसंस्करण विभाग की परियोजना में डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर पद का कथित नियुक्ति पत्र भी भेजा और अधिक वेतन का झांसा देकर अलग-अलग माध्यमों से भुगतान करवाया। कई महीने बीत जाने के बाद जब नौकरी नहीं मिली, तो शिशिर कान्त तिवारी ने अपने पैसे वापस मांगे। इस पर आरोपियों ने उन्हें गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित ने इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, लेनदेन के रिकॉर्ड और फर्जी दस्तावेज होने का दावा किया है। दूसरा मामला – स्वर्ण जयंती विस्तार निवासी शशिकांत गुप्ता ने पुलिस को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उनके साथ 6,19,787 रुपये की साइबर ठगी हुई है। उनके खाते से अलग-अलग ट्रांजैक्शन के माध्यम से यह रकम निकाली गई। उन्होंने राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर कई शिकायतें दर्ज कराईं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। तीसरा मामला – मंगला विहार द्वितीय निवासी मोहम्मद असलम के अनुसार, 23 अप्रैल को उनके साथ 83,273 रुपये की ऑनलाइन ठगी हुई। घटना के तुरंत बाद उन्होंने एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर संबंधित रकम होल्ड भी कर दी गई, लेकिन पीड़ित का कहना है कि उन्हें अभी तक अपनी धनराशि वापस नहीं मिली है। थाना प्रभारी अजय प्रकाश मिश्र ने बताया कि साइबर सेल की मदद से इन मामलों का जल्द खुलासा किया जाएगा।
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कानपुर में तीन लोगों से ठगी:सरकारी नौकरी और ऑनलाइन फ्रॉड, पुलिस जांच में जुटी