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सदर बाजार स्थित प्रसिद्ध भगवान श्री जगन्नाथ स्वामी मंदिर का प्रबंधन अब न्यायालय द्वारा नियुक्त रिसीवर के अधीन आ गया है। रविवार को एसीएम सदर न्यायालय के आदेश पर रिसीवर रवि प्रजापति ने थाना सदर बाजार पुलिस की मौजूदगी में मंदिर परिसर का कब्जा संभाला। इस कार्रवाई के दौरान मंदिर समिति के कमरे, रथ खाना और मंदिर परिसर के अन्य दो कमरों को सील कर दिया गया। इसके साथ ही मंदिर में रखे दानपात्र की धनराशि भी रिसीवर द्वारा अपने कब्जे में ली गई। दरअसल, पिछले करीब दो साल से भगवान श्री जगन्नाथ स्वामी मंदिर के प्रबंधन को लेकर मंदिर समिति, ट्रस्ट और पुजारी पक्ष के बीच विवाद चल रहा था। इसी विवाद को देखते हुए एसीएम सदर न्यायालय ने 17 मार्च को दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 146 के तहत मंदिर को कुर्क करने का आदेश पारित किया था। न्यायालय ने अपने आदेश में कहा था कि पुलिस रिपोर्ट के अनुसार मंदिर के कब्जे और प्रबंधन को लेकर दोनों पक्षों के बीच तनाव की स्थिति है, जिससे कभी भी शांति व्यवस्था भंग होने की आशंका उत्पन्न हो सकती है। न्यायालय ने तहसीलदार और थाना प्रभारी सदर बाजार को निर्देशित करते हुए मंदिर का कब्जा लेकर उसे न्यायालय के सुपुर्द रखने के आदेश दिए थे। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया था कि वास्तविक कब्जे और अधिकारों के निर्धारण तक मंदिर की देखरेख एवं प्रबंधन रिसीवर की निगरानी में रहेगा। सदर बाजार पुलिस की रिपोर्ट में उल्लेख था कि वर्ष 2025 में भगवान श्री जगन्नाथ की रथयात्रा और बलदेव छठ आयोजन को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ था, जिससे कानून व्यवस्था प्रभावित होने की स्थिति बनी थी। हालांकि, सदर बाजार स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर में हुई इस प्रशासनिक कार्रवाई पर हिंदू धर्म से जुड़े कुछ लोग सवाल उठा रहे हैं। मंदिर समिति से जुड़ी अधिवक्ता राशि शर्मा ने सोशल मीडिया ग्रुप पर दावा किया कि मंदिर का रामायणकालीन इतिहास है और कुछ लोगों के बीच चल रहे विवाद का प्रभाव मंदिर की पूजा व्यवस्था, दान-पात्र, अभिलेख और धार्मिक सामग्री पर डाला गया है।
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जगन्नाथ मंदिर विवाद, रिसीवर ने चार्ज संभाला:एसडीएम सदर न्यायालय के आदेश पर मंदिर का प्रबंधन रिसीवर को सौंपा