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लखनऊ के गोमती नगर स्थित अंतरराष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान में दो दिवसीय नाट्य समारोह का शुभारंभ हुआ। संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से आयोजित इस समारोह की शुरुआत ‘एक बच्चे की डायरी’ नामक भावनात्मक नाटक के मंचन के साथ हुई। इस प्रस्तुति ने दर्शकों को बच्चों की मानसिक दुनिया और पारिवारिक रिश्तों की संवेदनशील सच्चाई से रूबरू कराया। डॉ. करुणा पाण्डेय द्वारा लिखित और मुन्नी देवी द्वारा निर्देशित इस नाटक की कहानी समीर नामक एक बच्चे के इर्द-गिर्द घूमती है। आधुनिक जीवनशैली और ऊंची सोसायटी की चमक-दमक में उलझे उसके माता-पिता अपने बेटे की भावनाओं को समझ नहीं पाते। मां राज लगातार समीर की तुलना दूसरे बच्चों से करती है और उसे अपनी पसंद के अनुसार ढालना चाहती है। समीर अपनी भावनाएं एक डायरी में लिखने लगता है अकेलापन और दबाव झेल रहा समीर अपनी भावनाएं एक डायरी में लिखने लगता है। जब उसकी मां को यह डायरी मिलती है, तो उसे बेटे के भीतर छिपे दर्द और डर का एहसास होता है। यह कहानी संदेश देती है कि बच्चों को केवल सुविधाएं नहीं, बल्कि प्यार, अपनापन और समझ की आवश्यकता होती है। नाटक में यह भी दर्शाया गया कि परिवार में दादा-दादी जैसे बुजुर्गों की उपस्थिति बच्चों के मानसिक और भावनात्मक विकास में कितनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। अंत में मां अपनी गलती स्वीकार करती है और समीर का खोया हुआ बचपन फिर से मुस्कान के साथ लौट आता है। इन कलाकारों ने शानदार अभिनय किया मंच पर आदित्य शाक्य, लता बाजपेई, अनिल कुमार, अंशिका सक्सेना, प्रियंका भारती, दिव्यांश गुप्ता, कंचन शर्मा, निरुपमा राहुल, आरव, दिया भारती, आयुष शर्मा और राज नंदिनी वर्मा ने प्रभावशाली अभिनय से दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं।नाट्य समारोह की दूसरी संध्या में आज शंकर शेष द्वारा लिखित और मुन्नी देवी द्वारा निर्देशित हास्य नाटक ‘टिल का ताड़’ का मंचन किया जाएगा।
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लखनऊ में दो दिवसीय नाट्य समारोह शुरू:'एक बच्चे की डायरी' नाटक का मंचन