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सिद्धार्थनगर में एक जनपद एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना के तहत कालानमक चावल को बढ़ावा देने के लिए व्यापक प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता कार्यक्रम शुरू किया गया है। वर्ष 2026-27 तक कालानमक उत्पाद से संबंधित कार्यों के लिए 250 व्यक्तियों को प्रशिक्षण और टूलकिट प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त, स्वरोजगार को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से राइस मिलों की स्थापना और कालानमक चावल के कारोबार के लिए युवाओं को बैंक के माध्यम से वित्तीय सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी। उपायुक्त उद्योग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, प्रशिक्षण योजना के लिए 18 वर्ष से अधिक आयु के सिद्धार्थनगर के मूल निवासी आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के लिए कोई शैक्षिक योग्यता अनिवार्य नहीं है। इच्छुक अभ्यर्थी विभागीय पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 31 मई 2026 को शाम 5 बजे निर्धारित की गई है। विभाग ने बताया कि वित्तपोषण सहायता योजना के तहत जिले को 40 इकाइयों का भौतिक लक्ष्य और 1.61 करोड़ रुपये का वित्तीय लक्ष्य आवंटित किया गया है। इस योजना के अंतर्गत कालानमक चावल से जुड़ी राइस मिल इकाइयों की स्थापना और इसके व्यापार के लिए ऋण प्रदान किया जाएगा। लाभार्थियों को 25 प्रतिशत तक अनुदान भी मिलेगा। योजना का मुख्य उद्देश्य स्थानीय उत्पाद को राष्ट्रीय पहचान दिलाना और ग्रामीण युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ना है। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत भी ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इस योजना में उद्योग एवं सेवा क्षेत्र की इकाइयों की स्थापना के लिए 18 से 40 वर्ष आयु वर्ग के युवक-युवतियां आवेदन कर सकते हैं। आवेदक का हाईस्कूल उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। इस योजना में भी 25 प्रतिशत तक अनुदान का प्रावधान है। जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र ने युवाओं से अधिक से अधिक संख्या में आवेदन करने की अपील की है। विभाग का मानना है कि कालानमक चावल आधारित उद्योगों को बढ़ावा मिलने से जिले में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और स्थानीय उत्पाद को बाजार में नई पहचान मिलेगी।
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कालानमक चावल से 250 युवाओं को मिलेगा प्रशिक्षण:सिद्धार्थनगर में रोजगार बढ़ाने की तैयारी, वित्तीय सहायता भी मिलेगी