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मेरठ के मवाना तहसील क्षेत्र के मोडकला गांव में गुरुवार को खेतों में छिपे एक तेंदुए को वन विभाग की टीम ने करीब 5-6 घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद पकड़ लिया। तेंदुए के गांव के पास होने की सूचना मिलते ही इलाके में दहशत फैल गई थी। एसडीओ अन्शु चावला ने बताया कि ग्रामीणों ने खेतों में तेंदुआ दिखाई देने की सूचना क्षेत्रीय वन अधिकारी हस्तिनापुर को दी थी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई और पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई। तेंदुआ खेतों में छिपा हुआ था, इसलिए सबसे पहले ड्रोन की मदद से उसकी लोकेशन तलाशने की कोशिश की गई। ड्रोन से मूवमेंट दिखने के बाद टीम ने उस हिस्से को चारों तरफ से घेर लिया। वन विभाग की टीम को तेंदुए की सटीक लोकेशन मिलने के बाद विशेषज्ञों ने सुरक्षित दूरी से उसे बेहोशी का इंजेक्शन लगाया। इंजेक्शन लगने के कुछ देर बाद तेंदुआ धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगा और बेहोश होकर खेत में गिर गया। तेंदुए के बेहोश होने पर वन विभाग की टीम ने तुरंत उसे सावधानीपूर्वक कब्जे में लेकर पिंजरे में बंद किया। इसके बाद उसे हस्तिनापुर वन रेंज ले जाया गया, जहां उसका चिकित्सकीय परीक्षण किया गया। रेस्क्यू ऑपरेशन में 7-8 लोगों की टीम और करीब 10 वनकर्मी शामिल रहे। वन विभाग के मुताबिक पकड़ा गया तेंदुआ नर है और उसकी उम्र करीब 2 से ढाई साल है। मेडिकल जांच में तेंदुआ पूरी तरह स्वस्थ मिला। अधिकारियों ने बताया कि यह सब एडल्ट मेल तेंदुआ है, जिसे रेस्क्यू के बाद बिजनौर के अमानगढ़ जंगल क्षेत्र में छोड़ा जाएगा।
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रेस्क्यू किया गया तेंदुआ अमानगढ़ जंगल में छोड़ा जाएगा:खेत में छिपा था तेंदुआ ड्रोन से तलाशा, 6 घंटे चले रेस्क्यू के बाद पकड़ा गया