4 राज्यों में चेन स्नेचिंग करने वाला कुख्यात अरेस्ट:250 से ज्यादा महिलाओं से की लूट, कार पार्किंग में लगाई और चोरी की बाइक से लूट


गाजियाबाद के शालीमार गार्डन पुलिस ने आज शुक्रवार तड़के कुख्यात वरुण उर्फ शेरू को पैर में गोली मारकर अरेस्ट किया है। पुलिस ने मौके से चोरी की बाइक, एक तमंचा और लूटी हुई चेन बरामद की है। वरुण हरियाणा के सोनीपत का रहने वाला है। जिसके खिलाफ यूपी, दिल्ली, हरियाणा और उत्तराखंड में 28 केस दर्ज हैं, जबकि पकड़े गए इसके दूसरे साथी पर 14 केस दर्ज हैं। यह गैंग 4 राज्यों में 250 से ज्यादा महिलाओं से लूट कर चुका है। कुख्यात वरुण पर पहला लूट का मुकदमा 2010 में दिल्ली के प्रशांत विहार थाने में हुआ था। पुलिस पर फायरिंग की ACP अतुल कुमार सिंह ने बताया कि शालीमार गार्डन पुलिस लूट एवं स्नेचिंग के मामलों में चेकिंग चला रही थी। 8 मई की सुबह 3 बजे डीएवी कट वाहनों की चेकिंग की जा रही थी। इसी दौरान दो संदिग्ध व्यक्ति एक बाइक पर सवार होकर वजीराबाद रोड की तरफ से डीएवी कट की तरफ आते दिखाई दिए। जिन्हें पुलिस द्वारा रुकने का इशारा किया गया, लेकिन दोनों नहीं रुके बल्कि पीछे मुड कर खेतान स्कूल ग्राउंड की पीछे वाली प्रेम गली सूनसान रास्ते की तरफ भागने लगे। जहां दोनों बदमाशों की बाइक गिर गई। जिसके बाद बदमाश पैदल भागे और पुलिस पर तमंचे से फायर कर दिया। पुलिस ने एक बदमाश के दौड़ाकर पैर में गोली मारी। जबकि दूसरे बदमाश को कुछ दूरी पर घेरकर पकड़ लिया। सोनीपत का है घायल बदमाश पैर में गोली लगने से घायल बदमाश ने अपना नाम वरून उर्फ शेरू उर्फ गिरगिट पुत्र सुरेन्द्र कुमार निवासी सेक्टर 12 सोनीपत हरियाणा बताया। वहीं दूसरे ने अपना नाम आमिर उर्फ खन्ना पुत्र कमरूद्दीन निवासी न्यू मुस्तफाबाद दिल्ली बताया। पुलिस ने घायल वरुण को जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। दोनों के खिलाफ यूपी, दिल्ली, हरियाणा और उत्तराखंड में 42 केस दर्ज हैं। दोनों कई बार जेल जा चुके हैं। लूट करने का शाही अंदाज पुलिस को वरुण व आमिर ने बताया गया कि हम दोनों दिल्ली, पानीपत, सोनीपत, उत्तराखंड, गाजियाबाद, नोएडा मे कार द्वारा स्नेचिंग के लिए जाते थे। कार को पुलिस चेकिंग में नहीं रोकती। कार को पार्किंग मे खडा करके उसी क्षेत्र से बाइक चोरी कर लेते। जिसके बाद दोनो लोग हेलमेट लगा कर आने-जाने वाली महिलाओं से कान के कुंडल व चेन आदि लूटते। इसके बाद रास्ते मे ही अपने-अपने कपडे बदलकर जिससे हमारी पहचान छिपी रहे व कुछ दूरी पर चोरी की बाइक को छोड़कर पैदल चलते थे। इसके बाद अपनी कार को पार्किंग से लेकर वापस आ जाते है। अगली बार स्नेचिंग में दूसरी चोरी की दूसरी बाइक का इस्तेमाल करते। सोने की चेन व कुंडल को दिल्ली में अलग अलग सराफ के यहां बेचते थे।

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