अनुभव बाजपेयी | हरदोई3 मिनट पहले
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हरदोई में सांडी होकर गुरसहायगंज तक नई रेल लाइन निर्माण की मांग को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। सांसद जयप्रकाश रावत के आवास के बाहर लगाए गए पोस्टरों ने इस मुद्दे को फिर से चर्चा में ला दिया है। इन पोस्टरों में सांसद पर चुनावी वादे पूरे न करने का आरोप लगाया गया है।
पोस्टरों में दावा किया गया है कि चुनाव के दौरान सांसद ने विभिन्न मंचों से क्षेत्रवासियों को नई रेल लाइन बनवाने का आश्वासन दिया था। अब इन वादों पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
स्थानीय लोगों को उम्मीद थी कि हरदोई, सांडी और गुरसहायगंज को जोड़ने वाली यह रेल परियोजना जल्द शुरू होगी। हालांकि, अब तक इस दिशा में कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है, जिससे लोगों में नाराजगी है।

इन पोस्टरों में सांडी रेलवे स्टेशन का एक काल्पनिक चित्र भी प्रदर्शित किया गया है। इसमें बताया गया है कि यह रेल लाइन केवल परिवहन का साधन नहीं, बल्कि क्षेत्र के विकास, रोजगार सृजन, व्यापार, शिक्षा और बेहतर कनेक्टिविटी का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन सकती है।
पोस्टरों के माध्यम से दशकों से लंबित इस मांग को जल्द पूरा करने की अपील की गई है। सांसद से पूछा गया है कि नई रेल लाइन का यह सपना कब साकार होगा।

साथ ही यह भी सुझाव दिया गया है कि यदि जनप्रतिनिधि गंभीरता दिखाएं तो इस परियोजना को संसद और रेल मंत्रालय में आगे बढ़ाया जा सकता है। इन पोस्टरों के नीचे “सांडी रेल लाइन संघर्ष समिति” और “श्री शैलिक विधायक सेवा समिति” का नाम अंकित है।
समितियों ने लोगों से इस अभियान से जुड़ने और हरदोई से गुरसहायगंज वाया सांडी नई रेल लाइन निर्माण की मांग का समर्थन करने की अपील की है। सांसद आवास के बाहर पोस्टर लगाए जाने के बाद इलाके में बहस तेज हो गई है और राजनीतिक गतिविधियां भी बढ़ गई हैं।
