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उन्नाव की एक युवती की जिंदगी एक छोटी सी लापरवाही ने पूरी तरह बदल दी। गलती से तेजाब पी लेने के बाद उसकी हालत इतनी बिगड़ गई कि वह खाना-पीना तक नहीं निगल पा रही थी। वजन घटकर महज 29 किलो रह गया। कानपुर में करीब आठ महीने तक चले लंबे इलाज और कई प्रक्रियाओं के बाद डॉक्टर उसकी जान बचाने में सफल हो सके। धीरे-धीरे बंद हो गया खाने का रास्ता
कानपुर में सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के गैस्ट्रो विभागाध्यक्ष डॉ. विनय कुमार के मुताबिक, युवती ने गलती से तेजाब पी लिया था। तेजाब शरीर के अंदर जाते ही गले और खाने की नली को बुरी तरह जला गया। शुरुआत में सामान्य इलाज चला, लेकिन कुछ हफ्तों बाद उसकी हालत और बिगड़ने लगी। खाने की नली सिकुड़ती चली गई और स्थिति ऐसी हो गई कि युवती पानी तक नहीं पी पा रही थी। लगातार कमजोरी बढ़ने से उसका वजन घटकर केवल 29 किलो रह गया। 8 महीने चला इलाज, तब बच सकी जिंदगी
डॉक्टरों के अनुसार, युवती का इलाज करीब आठ महीने तक चला। एंडोस्कोपी के जरिए ‘डायलेटर’ की मदद से कई बार खाने की नली को चौड़ा किया गया। लगातार इलाज और निगरानी के बाद धीरे-धीरे उसकी हालत में सुधार आया। अब युवती का वजन बढ़कर करीब 45 किलो हो चुका है और वह सामान्य जीवन की ओर लौट रही है। डॉक्टरों ने दी बड़ी चेतावनी
डॉ. विनय कुमार ने कहा कि घरों में टॉयलेट क्लीनर या तेजाब को कभी भी पानी या कोल्ड ड्रिंक की बोतलों में नहीं रखना चाहिए। बच्चे और बड़े अक्सर ऐसी बोतलों को पानी समझ लेते हैं, जिससे बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि तेजाब और अन्य खतरनाक केमिकल हमेशा सुरक्षित जगह और बच्चों की पहुंच से दूर रखें, क्योंकि एक पल की लापरवाही जिंदगीभर का दर्द दे सकती है।
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कोल्ड ड्रिंक समझकर पी लिया तेजाब:सिकुड़ी खाने की नली, युवती 29 किलो तक सिमटी, कानपुर में 8 महीने बाद बच सकी जान