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लखनऊ में डॉ. शकुन्तला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय में गुजरात स्थापना दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया। कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल के निर्देशन और कुलपति आचार्य संजय सिंह की देखरेख में आयोजित इस कार्यक्रम में खेलकूद और सांस्कृतिक गतिविधियां प्रमुख रहीं। कार्यक्रम की शुरुआत विश्वविद्यालय परिसर में पैदल यात्रा और दौड़ से हुई, जिसमें विद्यार्थियों और कर्मचारियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। इसके बाद बैडमिंटन और फुटबॉल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसने माहौल को जीवंत बना दिया। गुजरात की झलक देखने को मिली साइकिल रैली विशेष आकर्षण का केंद्र रही, जिसमें दिव्यांग विद्यार्थियों ने भी सक्रिय भागीदारी की। उनकी सहभागिता ने समावेशी शिक्षा और समान अवसर की भावना को सुदृढ़ किया।सांस्कृतिक कार्यक्रमों में विद्यार्थियों ने गुजरात की समृद्ध परंपरा, लोक संस्कृति और रंग-बिरंगी विरासत को प्रस्तुत किया। लोक नृत्य, संगीत और पारंपरिक परिधानों के माध्यम से गुजरात की झलक देखने को मिली, जिसे दर्शकों ने सराहा। सफाई कर स्वच्छता का संदेश दिया गया विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गए बड़ागांव में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई ने स्वच्छता अभियान चलाया। मंदिर परिसर की सफाई कर स्वच्छता का संदेश दिया गया। इस अभियान में शिक्षकों और विद्यार्थियों ने मिलकर भूमिका निभाई। इसके बाद सभी ने पास स्थित बुद्धेश्वर महादेव मंदिर में दर्शन किए।इस पूरे आयोजन को सफल बनाने में क्रीड़ा एवं योग प्रकोष्ठ, एनएसएस, एनसीसी, प्रशासनिक इकाई, समाज कार्य विभाग, सांस्कृतिक समिति और ललित कला विभाग का महत्वपूर्ण योगदान रहा। कुलपति आचार्य संजय सिंह ने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में सहायक होते हैं। उन्होंने बताया कि गुजरात स्थापना दिवस जैसे कार्यक्रम देश की सांस्कृतिक एकता और विविधता को मजबूत करने का अवसर प्रदान करते हैं, साथ ही दिव्यांग विद्यार्थियों की भागीदारी विश्वविद्यालय की समावेशी सोच को दर्शाती है।
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डॉ. शकुन्तला मिश्रा विश्वविद्यालय में गुजरात स्थापना दिवस मनाया गया:खेल, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और दिव्यांगों की भागीदारी ने बढ़ाया उत्साह