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बागपत में एसटीएफ मेरठ यूनिट और कोतवाली पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में खनन की फर्जी रॉयल्टी तैयार कर सरकार को राजस्व का नुकसान पहुंचाने वाले गिरोह का खुलासा हुआ है। पुलिस ने निवाड़ा गांव में छापेमारी कर गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और असली खनन रॉयल्टी की नकल कर फर्जी रॉयल्टी तैयार करता था। इन दस्तावेजों का उपयोग कर खनन और परिवहन से जुड़े कार्यों में सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाया जा रहा था। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नईम पुत्र इंतजार, तालिब पुत्र फारुख, फिरोज पुत्र अहमद, आरिफ पुत्र जाहिद (सभी निवासी निवाड़ा) तथा मंदीप पुत्र राजवीर निवासी लॉयन मलकपुर, जनपद बागपत के रूप में हुई है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक लैपटॉप, आठ मोबाइल फोन, एक चार्जर, एक कार, 2,950 रुपये नकद तथा अन्य डिजिटल साक्ष्य बरामद किए हैं। जांच में आरोपियों की व्हाट्सएप चैट भी मिली है, जिसमें करीब 30 संदिग्ध मोबाइल नंबर सामने आए हैं। पुलिस का कहना है कि इन नंबरों से जुड़े लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बरामद डिजिटल साक्ष्यों को खंगाला जा रहा है ताकि गिरोह के नेटवर्क और गतिविधियों का पूरा पता लगाया जा सके। पुलिस अधीक्षक सूरज राय ने बताया कि यह एक संगठित गिरोह प्रतीत होता है। मामले की गहन जांच की जा रही है और इसमें शामिल अन्य आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि फर्जी रॉयल्टी बनाकर सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अब गिरोह के वित्तीय लेन-देन, डिजिटल नेटवर्क और अन्य संभावित सहयोगियों की भूमिका की जांच कर रही है।
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बागपत में फर्जी खनन रॉयल्टी गिरोह के पांच आरोपी गिरफ्तार:फर्जी रॉयल्टी बनाकर सरकार को राजस्व हानि पहुंचाने वालों पर कार्रवाई