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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई की रेस में ओपनएआई ने अपना सबसे स्मार्ट और समझदार एआई मॉडल GPT-5.5 पेश किया है। कंपनी का दावा है कि यह एआई की दुनिया में अगला बड़ा कदम है, जहां एआई अब केवल बातचीत नहीं करेगा, बल्कि असल में आपके काम को अंजाम भी देगा। पुराने एआई मॉडल्स को हर कदम पर निर्देश देने पड़ते थे, लेकिन GPT-5.5 उलझे हुए और कई हिस्सों वाले कामों को खुद-ब-खुद शुरू से आखिरी तक पूरा कर सकता है। आप इसे कोई भी प्रोजेक्ट सौंप सकते हैं और यह खुद उसकी प्लानिंग करेगा। एक्सपर्ट डेविड गेविर्ट्ज ने इस नए एआई को 10 अलग-अलग कामों में परखा। आइए जानें, इसका क्या नतीजा रहा… जीपीटी-5.5; 100 नंबर के टेस्ट में 93 यहां GPT-5.5 के 10 टेस्ट नतीजों का संक्षिप्त सार है… न्यूज सारांश (5/10): निर्देश के विपरीत एक के बजाय कई स्रोतों का उपयोग किया। शिक्षा (10/10): कठिन विषय को ऐसे समझाया कि 5 साल का बच्चा भी समझ ले। गणित (10/10): नंबरों के पैटर्न को सही पहचाना। बहस (10/10): सोशल मीडिया के दुष्प्रभावों पर बहुत ठोस और स्पष्ट तर्क दिए। साहित्य (10/10): ‘गेम ऑफ थ्रोन्स’ का अब तक का सबसे सटीक विश्लेषण किया। यात्रा (9/10): बेहतरीन प्लान, पर बजट नहीं बताया। सपोर्ट (10/10): इंटरव्यू के लिए व्यावहारिक सलाह दी। अनुवाद (9/10): ज्यादा विकल्प देकर भ्रम पैदा किया। कोडिंग (10/10): सॉफ्टवेयर की सभी गलतियों को पूरी सटीकता से सुधार दिया। लेखन (10/10): 4,000+ शब्दों की शानदार कल्पनाशील कहानी लिख दी। आपके लिए कौन-सा एआई बेहतर है? चैटजीपीटी, जेमिनी व क्लाउड मॉडल की खूबियां जानिए… 1. चैटजीपीटी 5.5: यह सबसे बेहतर ऑल-राउंडर है।
किसके लिए: प्रोफेशनल लोग व ऑफिस के मिले-जुले काम।
खासियत: सिर्फ जवाब नहीं देता, बल्कि काम की प्लानिंग और उसे पूरा भी करता है।
काम: स्ट्रैटेजिक सोच, रिसर्च और ऑटोमेशन में बेहतर है। 2. क्लाउड: लेखन और कोडिंग के काम में एक्सपर्ट।
किसके लिए: सॉफ्टवेयर डेवलपर्स और कंटेंट राइटर्स।
खासियत: भाषा सबसे ज्यादा इंसानी लगती है। यह कोडिंग की गहराई को बेहतर समझता है।
काम: क्रिएटिव राइटिंग और मुश्किल सॉफ्टवेयर डिजाइनिंग। 3. जेमिनी: डेटा में महारत।
किसके लिए: गूगल टूल्स (जीमेल, ड्राइव) इस्तेमाल करने वाले और डेटा एनालिस्ट।
खासियत: बड़ी फाइलों और हजारों पन्नों के डेटा को एक साथ पढ़कर समझ सकता है।
काम: भारी डेटा एनालिसिस। ये खबर भी पढ़ें… मिथॉस AI से बैंकिंग सिस्टम पर साइबर हमले का खतरा: वित्त मंत्री सीतारमण ने हाई-लेवल मीटिंग की; क्या है मिथॉस और यह क्यों खतरनाक वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को बैंकों के प्रमुखों के साथ एक हाई-लेवल मीटिंग की। इस बैठक में एंथ्रोपिक के ‘क्लॉड मिथॉस’ AI मॉडल से बैंकिंग सेक्टर को होने वाले संभावित खतरों पर चर्चा की गई। यह एआई मॉडल इतना एडवांस है कि हैकर इसका इस्तेमाल दशकों पुरानी अज्ञात खामियों को खोजकर फाइनेंशियल सेक्टर पर साइबर हमले कर सकते हैं। पूरी खबर पढ़ें…
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ओपनएआई का सबसे स्मार्ट GPT-5.5 लॉन्च:अब एआई खुद प्रोजेक्ट प्लान और पूरा करेगा; इसे 100 नंबर के टेस्ट में 93 अंक मिले