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हिमाचल प्रदेश के ट्राइबल एरिया में 20 प्रतिशत लोगों में यौन संक्रमण से जुड़े कोई न कोई लक्षण मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा चंबा के पांगी व भरमौर, किन्नौर और लाहौल-स्पीति जिले में किए गए सर्वेक्षण में सामने आया है कि जनजातीय क्षेत्रों में यौन संचारित रोग (STD) अभी भी एक गंभीर स्वास्थ्य चुनौती हैं। स्टडी रिपोर्ट में ‘सेफ सेक्सुअल प्रेक्टिस’ को लेकर चिंताजनक स्थिति सामने आई है। 33.1 प्रतिशत लोगों ने बताया कि उन्होंने कभी कंडोम का इस्तेमाल नहीं किया। मात्र 16.8 प्रतिशत लोगों ने हमेशा कंडोम इस्तेमाल करने की बात कही। 61.4 प्रतिशत लोगों ने एक ही जीवनसाथी के साथ संबंध होने की बात कही है। रिपोर्ट के अनुसार STD से जुड़े लक्षणों का सबसे अधिक प्रभाव चंबा जिले में 24.2 प्रतिशत लोगों में पाया गया। किन्नौर में 20.1 प्रतिशत और लाहौल-स्पीति में 15.7 प्रतिशत लोगों में संक्रमण से संबंधित लक्षण सामने आए। अब 4 पॉइंट्स में जानें क्यों बढ़ रही स्वास्थ्य चुनौतियां:- केवल 2 प्रतिशत लोगों ने करवाई HIV-हेपेटाइटिस जांच रिपोर्ट का एक अहम पहलू यह भी है कि HIV और हेपेटाइटिस जैसी बीमारियों की जांच को लेकर जागरूकता बेहद कम है। सिर्फ 2 प्रतिशत लोगों ने कभी HIV या हेपेटाइटिस की जांच करवाई थी। स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत करने की सिफारिश रिपोर्ट में जनजातीय क्षेत्रों में नियमित स्वास्थ्य शिविर लगाने, यौन स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता अभियान चलाने, मोबाइल मेडिकल यूनिट बढ़ाने, गोपनीय जांच सुविधा उपलब्ध करवाने और महिला स्वास्थ्य कर्मियों की संख्या बढ़ाने की सिफारिश की गई है। क्यों कराया गया अध्ययन? स्वास्थ्य विभाग ने यह स्टडी जनजातीय क्षेत्रों में STD की स्थिति, इसके कारणों, लोगों की जागरूकता और इलाज लेने के व्यवहार को समझने के लिए किया गया। इसमें 15 से 49 वर्ष आयु वर्ग के 3000 लोगों को शामिल किया गया। तीनों जिलों से 1000-1000 लोगों का सर्वे किया गया।
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हिमाचल के ट्राइबल एरिया में 20% लोगों में यौन संक्रमण:स्टडी-रिपोर्ट में खुलासा; 33% ने कभी कंडोम नहीं अपनाया, महिलाओं में योनि-स्राव की समस्या गंभीर