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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वसीम मेडिकल एजेंसी मामले में सुनवाई करते हुए दवाओं और चिकित्सा उपकरणों की आपूर्ति के बकाया भुगतान न करने को लेकर सख्त रुख अपनाया है। न्यायमूर्ति जे.जे. मुनीर और न्यायमूर्ति विवेक सरन की खंडपीठ ने हापुड़ के सी एम ओ का खाता कुर्क करने का आदेश दिया है। याचिकाकर्ता एजेंसी का बरेली, सहारनपुर, बिजनौर, आगरा, गाजियाबाद, कासगंज, हरदोई, हापुड़, रामपुर, अलीगढ़, मुजफ्फरनगर, जौनपुर और बदायूं के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों पर दवाइयों और अन्य चिकित्सा सामग्री का भुगतान बकाया है। सुनवाई में क्या हुआ जानिए
सुनवाई के दौरान बरेली, सहारनपुर, बिजनौर, गाजियाबाद, रामपुर, अलीगढ़, आगरा और जौनपुर के सी एम ओ ने बकाया राशि चुका दी। जौनपुर सी एम ओ ने 31 मार्च 2026 को 95,960 रुपये का भुगतान किया। हापुड़ के सी एम ओ ने पांच बिलों में से केवल एक (99,994 रुपये) का भुगतान किया, जबकि 61,920 रुपये, 30,272 रुपये, 46,784 रुपये और 36,808 रुपये कुल 1,75,784 रुपये के बिल बकाया रहने की बात स्वीकार की,। बजट न होने और तकनीकी कारणों का हवाला देकर भुगतान न कर पाने की मजबूरी बताई। कोर्ट ने इस बहाने को खारिज करते हुए कहा कि व्यावसायिक लेन-देन में स्वीकृत देनदारी के मामले में बजट की कमी कोई बहाना नहीं हो सकती, क्योंकि सरकार के पास सभी संसाधन उपलब्ध हैं। कोर्ट ने इसे “नौकरशाही बहाना” करार दिया। खाते से तुरंत कुर्क करें रुपए
कोर्ट ने सिविल जज (सीनियर डिवीजन), हापुड़ को निर्देश दिया कि सी एम ओ हापुड़ के खाते 1,75,784 रुपये की सीमा तक तुरंत कुर्क किए जाएं और 22 जुलाई 2026 तक रिपोर्ट पेश की जाए। कहा भुगतान होते ही कुर्की स्वतः हट जाएगी। इसके अलावा कासगंज, हरदोई, मुजफ्फरनगर, जौनपुर और बदायूं के सी एम ओ को 22 जुलाई 2026 दोपहर 2 बजे कोर्ट में हाजिर होकर यह बताने को कहा गया है कि उनके खाते भी क्यों न कुर्क किए जाएं। अगली सुनवाई भी उसी दिन तय की गई है।
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हापुड़ मुख्य चिकित्सा अधिकारी के खाते कुर्क करने का आदेश:पांच जिलों के सीएमओ 22 जुलाई को तलब, पूछा क्यों न कुर्क हो खाते