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देवरिया जिले के रामपुर कारखाना विकासखंड के डुमरी राघोपुर गांव से गुजरने वाली हाटा रजवाहा शनिवार सुबह एक सप्ताह के भीतर तीसरी बार टूट गई। इससे आसपास के खेतों में पानी भर गया और 52 किसानों की लगभग 85 एकड़ में रोपी गई धान की फसल जलमग्न हो गई। लगातार तीसरी बार नहर टूटने से किसानों में सिंचाई विभाग के प्रति भारी नाराजगी है। जानकारी के अनुसार, शाहपुर बेलवा गांव के पास हाटा रजवाहा का तटबंध अचानक टूट गया। यह लगभग 58 किलोमीटर लंबी रजवाहा आमघाट के निकट टेल तक जाती है। पिछले सोमवार से अब तक एक ही स्थान पर तीन बार नहर टूट चुकी है। किसानों का आरोप है कि हर बार मरम्मत के दावों के बावजूद तटबंध कुछ ही दिनों में फिर टूट जाता है। किसानों ने बताया कि नहर टूटने की सूचना तत्काल सिंचाई विभाग को दी गई। हालांकि, देर शाम तक कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। इस दौरान नहर का पानी लगातार खेतों में फैलता रहा, जिससे धान की नई रोपाई पूरी तरह जलमग्न हो गई। किसानों का कहना है कि यदि समय रहते पानी का बहाव रोका जाता तो नुकसान कम हो सकता था। नहर की गुणवत्तापूर्ण और स्थायी मरम्मत कराने की मांग ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग केवल खानापूर्ति के लिए अस्थायी मरम्मत करता है। तटबंध की स्थायी मरम्मत नहीं होने के कारण बार-बार नहर टूट रही है। किसानों ने क्षतिग्रस्त फसल का सर्वे कराकर उचित मुआवजा देने तथा नहर की गुणवत्तापूर्ण और स्थायी मरम्मत कराने की मांग की है। फसल प्रभावित किसानों में सच्चिदानंद विश्वकर्मा, सुरेश गुप्ता, शिवनाथ गुप्ता, भगवान गुप्ता, त्रिलोकी गुप्ता, गोबरी अंसारी, ओमप्रकाश यादव, फेंकू गुप्ता, लालवचन गुप्ता, देव मंगल यादव सहित कुल 52 किसान शामिल हैं। इस संबंध में सिंचाई विभाग के अवर अभियंता तारकेश्वर शर्मा ने बताया कि नहर टूटने की सूचना मिलते ही विभाग की टीम को मौके पर भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि जल्द ही तटबंध की मरम्मत कर पानी का बहाव नियंत्रित कराया जाएगा तथा नुकसान का आकलन भी किया जाएगा।
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हाटा रजवाहा तीसरी बार टूटी, 85 एकड़ धान डूबी:52 किसानों की फसल हुई जलमग्न, मरम्मत पर उठे सवाल