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प्रदेश के चार सरकारी मेडिकल कॉलेजों (कन्नौज, अंबेडकरनगर, जालौन, सहारनपुर) में एमबीबीएस दाखिलों में आरक्षण के प्रावधानों के उल्लंघन के आरोपों पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने सख्त रुख अपनाया है। न्यायालय ने राज्य सरकार से 16 सितंबर 2026 तक और उसके बाद आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को दिए गए प्रवेश का विस्तृत ब्योरा पेश करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 14 अक्टूबर को होगी। न्यायमूर्ति राजन राय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की खंडपीठ ने मंगलवार को राज्य सरकार की विशेष अपील पर सुनवाई के दौरान यह आदेश पारित किया। न्यायालय ने सरकार से प्रवेश संबंधी आंकड़े उपलब्ध कराने को कहा है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि चारों मेडिकल कॉलेजों में आरक्षण के निर्धारित मानकों के तहत कितने अभ्यर्थियों को प्रवेश मिला और 16 सितंबर के बाद कितने दाखिले किए गए। आरक्षण के प्रावधानों से ज्यादा प्रवेश का आरोप मामले में आरोप है कि संबंधित मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस पाठ्यक्रम के लिए आरक्षण के निर्धारित प्रावधानों से अधिक प्रवेश दिए गए। इससे पहले भी हाईकोर्ट ने आरक्षण नियमों के पालन को लेकर राज्य सरकार से जवाब मांगा था। अब कोर्ट ने दाखिलों का पूरा विवरण तलब कर मामले की स्थिति स्पष्ट करने की दिशा में कदम उठाया है। मंगलवार को सुनवाई के दौरान प्रमुख सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य वी. हेकेली झिमोमी, प्रमुख सचिव समाज कल्याण अनुराग यादव और महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा नेहा शर्मा अदालत में उपस्थित रहे। न्यायालय ने तीनों अधिकारियों को बुधवार को होने वाली अगली सुनवाई में भी उपस्थित रहने का निर्देश दिया है।
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हाईकोर्ट ने 4-मेडिकल कॉलेजों में MBBS दाखिले पर ब्योरा मांगा:आरक्षण नियमों के उल्लंघन के आरोप पर सरकार को आदेश, अगली सुनवाई 14 को