हत्यारोपी बोला-समझाने पर भी नहीं मिल रहे थे पैसे:मृतक के सिर में फंसी मिली पिस्टल की गोली, पुलिस बोली- तमंचे से मारी गई


होजरी कारोबारी विजय कुमार चौरसिया के हत्यारोपी विशाल गुप्ता ने ब्याज के रुपए न देने पर हुए विवाद के बाद हत्या करने की बात कबूली है। पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह सवाई सिंह का हाता स्थित प्रापर्टी दिखाने के लिए उसे लेकर गया था, जहां धर्मशाला की छत पर दोनों के बीच पैसों को लेकर एक बार फिर झगड़ा होता है। हत्यारोपी ने बताया कि धर्मशाला की छत पर उसने विजय से एक बार फिर पैसे देने को कहा-जिस पर उसने इंकार कर दिया, विजय ने कहा कि पैसों की कोई लिखापढ़ी नहीं है, जो करना हो कर लो, मैं पैसे नहीं दूंगा। इसके बाद उसे गुस्सा आ गया और जैसे ही विजय सीढ़ियां उतरने लगा तभी उसने पीछे से सिर में गोली मार दी। पुलिस विशाल गुप्ता की मदद करने वालों पर कार्रवाई की तैयारी में है। अब जानिए पूरा प्रकरण सिरकी मोहाल निवासी होजरी कारोबारी विजय कुमार चौरसिया की शुक्रवार शाम सिर पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उनका शव सवाई सिंह का हाता के जर्जर मकान की सी​ढि़यों पर मिला था। वह घटना से पूर्व अपनी दुकान पर थे। उन्हें सामने के रस्टोरेंट संचालक का बेटा विशाल गुप्ता स्कूटी से बिठाकर हाते के पास ले गया। सीसीटीवी कैमरे में हत्या के बाद भी वह अकेले की जाता हुए नजर आया। फीलखाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर उसकी तलाश की। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए कोतवाली, फीलखाना, मूलगंज, कलक्टरगंज, हरबंशमोहाल समेत अन्य थानों का फोर्स लगाया गया। पुलिस की जांच में विशाल गुप्ता उन्नाव में स्कूटी से नजर आया। कानपुर और कन्नौज में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में वह दिखाई दिया। पुलिस ने उसके मददगारों के यहां दबिश देकर सफीपुर की सत्यवती समेत 11 लोगों को हिरासत में लिया था। एडीसीपी पूर्वी ​शिवा सिंह ने बताया कि हत्या के बाद आरोपी विशाल अपने दोस्त बाबू सोनकर के पास जाता है, जहां से उसका दोस्त उसे उन्नाव भागने की सलाह देकर कुछ दिन बाद सरेंडर करने की बात कही। इसके बाद विशाल उन्नाव पहुंचा और वहां अपने परिचित के घर में कपड़े बदले, खाना पीना खाया और कुछ आ​र्थिक सहयोग दिया। इसके बाद कई स्थानों में जाकर पनाह ली। एडीसीपी ने बताया कि विशाल गुप्ता ने कई लोगों को ब्याज पर रुपये दिए थे। वह पांच प्रतिशत पर हर महीने ब्याज वसूला करता था। विशाल गुप्ता ने पूछताछ में बताया कि उसने दोस्त होने की वजह से विजय कुमार को चार प्रतिशत पर ब्याज दिया था। शुरू में उसने तीन चार महीने ब्याज दिए, लेकिन फिर आना कानी करने लगा था। पुलिस बोली- 32 बोर के तमंचे से मारी गई गोली पूरे खुलासे में पुलिस की कहानी में झोल भी नजर आया, मृतक की हत्या के दूसरे दिन एडीसीपी पूर्वी ने बताया था कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक के सिर में एक गोली फंसी मिली है, जो कि पिस्टल की है। इसके इतर एनकाउंटर के बाद उन्होंने कहा कि आरोपी ने 32 बोर के तमंचे से गोली मारी है, जिसे प्रयोगशाला भेजा गया है।

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *