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वाराणसी के सिंधौरा थाना क्षेत्र के मझांवा में रंजिशन और जमीनी विवाद में सौरभ सिंह की हत्या के बाद पुलिस की भूमिका ने पूरे महकमे की किरकिरी करा दी। पुलिस की फजीहत के बाद थानेदार पर कार्रवाई की गाज गिरी। फजीहत का डैमेज कंट्रोल करते हुए पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने थानाध्यक्ष सीपी ने थाना प्रभारी इंस्पेक्टर ज्ञानेन्द्र कुमार त्रिपाठी को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया। उन्हें लाइन में आमद कराने का आदेश जारी किया। नगर निगम थाना सिगरा चौकी प्रभारी दरोगा पंकज कुमार को थानाध्यक्ष सिंधौरा नियुक्त किया। पूरे मामले में डीसीपी गोमती से रिपोर्ट भी मांगी है। उधर, रंजिशन और जमीनी विवाद में सौरभ सिंह की हत्या में चार नामजद आरोपियों को सिंधोरा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों में रिशु सिंह, देवी सिंह, राजेश सिंह, गोलू सिंह है। जबकि नामजद बबलू सिंह और हरिओम सिंह अभी फरार है, जिनकी गिरफ़्तारी को दबिश जारी है। अधिकारियों की मीटिंग में सीपी ने लिया एक्शन शुक्रवार रात 10 बजे पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी मोहित अग्रवाल ने राजपत्रित अधिकारियों की बैठक में तीनों जोन की समयबद्ध विवेचना, अपराध नियंत्रण, सक्रिय पुलिसिंग की समीक्षा करते हुए दिशा-निर्देश दिए। मीटिंग में सबसे पहले थाना सिंधौरा क्षेत्र में घटित सनसनीखेज हत्या की चर्चा हुई, सीपी ने कार्रवाई जानी और वारदात में पुलिस की भूमिका पर सवाल किए। अब तक थानेदार और दरोगा ने शिकायतों के बावजूद कार्रवाई क्यों नहीं की। डीसीपी और एडीसीपी ने पूरे मामले में तथ्य रखे और वारदात में लापरवाही की बात सामने आई। सीपी ने घटना में अपेक्षित स्तर की प्रभावी कार्रवाई न किए जाने के कारण प्रथम दृष्टया लापरवाही को माना । निरीक्षक ज्ञानेन्द्र कुमार त्रिपाठी, थाना प्रभारी सिंधौरा को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर किया गया तथा चौकी प्रभारी नगर निगम थाना सिगरा एसआई पंकज कुमार को थानाध्यक्ष सिंधौरा नियुक्त किया।
उधर, विवेचनाओं के समयबद्ध निस्तारण में गंभीर लापरवाही बरतते हुए निर्धारित अवधि के उपरांत 05 विवेचनाओं को क्रमशः23 दिवस, 826 दिवस, 884 दिवस, 939 दिवस एवं 1060 दिवस तक लंबित रखने के कारण चौकी प्रभारी सरैयां जैतपुरा दरोगा सत्यदेव गुप्ता को निलंबित किया गया।
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