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सोनभद्र में रॉबर्ट्सगंज पुलिस, एसओजी और खनन विभाग की संयुक्त टीम ने फर्जी ई-फॉर्म C/MM-11 (खनिज परिवहन परमिट) तैयार कर अवैध गिट्टी परिवहन कराने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। कार्रवाई में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि तीन अन्य की तलाश जारी है। पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देश पर अवैध खनन और खनिज परिवहन के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत रॉबर्ट्सगंज पुलिस, एसओजी और खनन विभाग की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी ई-फॉर्म C/MM-11 (खनिज परिवहन परमिट) बनाने वाले गिरोह का खुलासा किया है। मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि तीन आरोपी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों का गठन किया गया है। पुलिस के अनुसार, अवैध खनिज परिवहन के दौरान पकड़े गए चालक दिलीप प्रजापति ने पूछताछ में बताया कि पुराने ई-फॉर्म C/MM-11 में वाहन संख्या, तिथि और समय बदलकर फर्जी परमिट तैयार किए जाते थे। इन्हीं परमिटों के आधार पर गिट्टी का अवैध परिवहन कराया जाता था। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने बिल्ली-मारकुंडी स्थित AK इंटरप्राइजेज के कार्यालय पर छापा मारकर अमरनाथ त्रिपाठी उर्फ राजू त्रिपाठी, रितेश कुमार जायसवाल, संतोष कुमार जायसवाल और मोहन उर्फ अजय कुमार को गिरफ्तार किया। छापेमारी के दौरान पुलिस ने एक डेल लैपटॉप, एचपी लेजर प्रिंटर, 748 अप्रयुक्त सिक्योरिटी पेपर सेट, लगभग एक हजार प्रयुक्त ई-फॉर्म C/MM-11 और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए। जांच में सामने आया कि AK इंटरप्राइजेज का लाइसेंस 8 जून 2026 तक वैध था, लेकिन लाइसेंस समाप्त होने के बाद भी उसके नाम पर जारी सिक्योरिटी पेपर का कथित दुरुपयोग कर फर्जी परमिट तैयार किए जा रहे थे। इस मामले में अश्वनी कुमार पटेल, हिमांशु पाण्डेय और AK इंटरप्राइजेज के संचालक सुरेश कुमार पाठक फरार हैं। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए हैं। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि अवैध खनन और फर्जी खनिज परिवहन के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
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सोनभद्र में फर्जी खनिज परमिट गिरोह के 5 आरोपी गिरफ्तार:3 फरार, लैपटॉप-प्रिंटर समेत 1000 से अधिक परमिट जब्त