![]()
बलरामपुर में सावन के तीसरे सोमवार और नागपंचमी के पावन संयोग पर सोमवार को जिले के प्रमुख शिवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। ब्रह्ममुहूर्त से ही मंदिरों के कपाट खुलते ही भक्तों की लंबी कतारें लग गईं। श्रद्धालु अपने हाथों में गंगाजल, दूध, बेलपत्र, पुष्प और अन्य पूजन सामग्री लिए भगवान भोलेनाथ के जलाभिषेक और दर्शन के लिए घंटों इंतजार करते दिखे। इस दौरान मंदिर परिसर ‘हर-हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के जयघोष से गूंजते रहे।
सावन के तीसरे सोमवार के साथ नागपंचमी का पर्व होने से इस बार शिवालयों में विशेष उत्साह देखा गया। भक्तों ने भगवान शिव का अभिषेक करने के साथ नागदेवता की भी पूजा-अर्चना की। श्रद्धालुओं ने परिवार की सुख-समृद्धि, आरोग्य और खुशहाली की कामना की। कई मंदिरों में विशेष पूजन और धार्मिक अनुष्ठानों का भी आयोजन किया गया।
जिले के प्रसिद्ध झारखंडी मंदिर, उतरौला रोड स्थित झारखंडेश्वर महादेव मंदिर, उतरौला के दुःखहरण नाथ मंदिर, सादुल्लाहनगर के प्रमुख शिव मंदिर, बहराइच रोड स्थित रेणुकानाथ मंदिर और पचपेड़वा के शिवगढ़ धाम में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गई। दूर-दराज से पहुंचे कांवड़िए भी पवित्र जल लेकर इन शिवालयों में पहुंचे और भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया। सावन और नागपंचमी के पर्व को देखते हुए मंदिरों को आकर्षक फूलों, रंग-बिरंगी रोशनी और सजावटी वस्तुओं से सजाया गया था। कई मंदिर परिसरों में भजन-कीर्तन और शिव स्तुति का आयोजन हुआ, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर समितियों और स्थानीय प्रशासन ने व्यापक व्यवस्थाएं की थीं। प्रमुख मंदिरों पर पुलिस बल की तैनाती के साथ स्वयंसेवकों को भी लगाया गया था। ये स्वयंसेवक श्रद्धालुओं को कतारबद्ध तरीके से दर्शन कराने और भीड़ को नियंत्रित करने में जुटे रहे। मंदिरों के आसपास सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया गया। महिलाओं, युवाओं, बुजुर्गों और बच्चों समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने श्रद्धा और उत्साह के साथ भगवान शिव का पूजन किया। सावन के तीसरे सोमवार और नागपंचमी के एक साथ पड़ने से बलरामपुर का माहौल सुबह से ही पूरी तरह शिवमय बना रहा। प्रमुख शिवालयों में देर शाम तक श्रद्धालुओं के पहुंचने और जलाभिषेक का सिलसिला जारी रहने की उम्मीद है।
Source link
बलरामपुर में सावन के तीसरे सोमवार, नागपंचमी का संयोग:शिवालयों में उमड़ा आस्था का सैलाब, ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष