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सुल्तानपुर के श्री सीताकुण्ड धाम के पास आदि गंगा गोमती नदी में मंगलवार सुबह सैकड़ों मरी हुई मछलियां उतराने से हड़कंप मच गया। घाट पर पहुंचे श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने नदी की स्थिति देखकर चिंता जताई। प्रारंभिक तौर पर नदी के पानी में किसी घातक रसायन के रिसाव या बढ़ते जल प्रदूषण को मछलियों की मौत का संभावित कारण माना जा रहा है। घटना की जानकारी मिलते ही गोमती मित्र मंडल के पदाधिकारी और सदस्य मौके पर पहुंच गए। स्थानीय नागरिकों, पर्यावरण प्रेमियों और गोमती मित्रों ने प्रशासन, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तथा मत्स्य विभाग से तत्काल मामले का संज्ञान लेने की मांग की। उन्होंने नदी के पानी का नमूना लेकर प्रयोगशाला में जांच कराने और मछलियों की मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने की मांग उठाई। गोमती मित्र मंडल के प्रदेश अध्यक्ष मदन सिंह अधिवक्ता ने बताया कि पिछले वर्ष भी इसी प्रकार की घटना सामने आई थी। उन्होंने आशंका जताई कि किसी फैक्ट्री से निकलने वाले हानिकारक रसायन या किसी अन्य जहरीले पदार्थ के नदी में मिलने से बड़ी संख्या में मछलियों की मौत हुई हो सकती है। मृत मछलियां नदी की सतह और किनारों पर दिखाई दे रही हैं, जिससे पर्यावरणीय संकट की स्थिति बन गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि किसी फैक्ट्री, नाले या शरारती तत्व द्वारा नदी में जहरीला पदार्थ छोड़ा गया है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। श्रद्धालुओं ने चेतावनी दी कि यदि घटना की निष्पक्ष जांच नहीं हुई और नदी के जल की गुणवत्ता में सुधार के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो पर्यावरण प्रेमी और आम नागरिक आंदोलन करने को बाध्य होंगे। मौके पर गोमती मित्र मंडल के प्रबंधक राजेंद्र शर्मा, मुन्ना सोनी, राजेश पाठक, आलोक तिवारी, दिनकर सिंह, अजय वर्मा, रामू सोनी सहित अन्य श्रद्धालुओं ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की मांग की है।
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सुलतानपुर में गोमती नदी में मछलियां मृत मिलीं:जल प्रदूषण की आशंका, श्रद्धालुओं ने जांच की उठी मांग