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सीतापुर में शहर के सबसे व्यस्त बस स्टेशन चौराहे पर लगने वाले भीषण जाम और यातायात अव्यवस्था को लेकर प्रशासन आखिरकार सख्त हो गया है। शुक्रवार को सिटी मजिस्ट्रेट मीनाक्षी पांडे, सीओ सिटी, एआरटीओ सर्वेश चतुर्वेदी, एआरएम और नगर पालिका की संयुक्त टीम ने बस अड्डा चौराहे का निरीक्षण कर हालात का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान सड़क पर बेतरतीब खड़ी रोडवेज और डग्गामार बसों की वजह से जाम की गंभीर स्थिति सामने आई। जहां कई बसों का चालान किया गया। जांच में पाया गया कि लखनऊ रूट की कई बसें बस अड्डे के अंदर जाने के बजाय सीधे चौराहे पर ही खड़ी कर दी जाती हैं। चालक और परिचालक अधिक सवारियां भरने के लालच में घंटों बसों को सड़क पर रोके रखते हैं, जिससे मुख्य मार्ग पूरी तरह बाधित हो जाता है। इतना ही नहीं, डिपो से निकलने वाली बसें भी बस अड्डे के मुख्य गेट के बाहर आधी सड़क घेरकर खड़ी कर दी जाती हैं और वहीं से यात्रियों को बैठाया जाता है। अधिकारियों ने माना कि इस अव्यवस्था के कारण रोजाना हजारों लोगों को जाम की समस्या से जूझना पड़ रहा है। दोपहिया और चार पहिया वाहन चालकों के साथ स्कूली बच्चों और मरीजों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार बसों के बीच से गुजरने के दौरान हादसे की आशंका भी बनी रहती है। इसके साथ ही ठेले ऑटो को भी तत्काल अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए है। संयुक्त टीम ने मौके पर मौजूद चालकों और परिचालकों को कड़ी चेतावनी दी। अधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि अब किसी भी बस को चौराहे या सड़क पर खड़ा कर सवारी भरने की अनुमति नहीं दी जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारी चालान के साथ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद बस अड्डा क्षेत्र में हड़कंप का माहौल बना रहा। लोगों ने उम्मीद जताई है कि सख्ती जारी रही तो शहर को जाम की समस्या से राहत मिल सकेगी।
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सीतापुर बस अड्डे पर अतिक्रमण के खिलाफ चला अभियान:सिटी मजिस्ट्रेट ने बसों और पटरी दुकानदारों पर की कार्रवाई