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मऊ के जिलाधिकारी आनंद वर्द्धन ने शुक्रवार को सीएम डैशबोर्ड आधारित राजस्व कार्यों, राजस्व वसूली और विभिन्न विभागीय योजनाओं की मासिक समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को शासन की मंशा के अनुरूप कार्य करने तथा लंबित प्रकरणों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। आईजीआरएस प्रकरणों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कई राजस्व अधिकारियों के यहां 50 प्रतिशत से अधिक असंतोषजनक फीडबैक मिलने पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने ऐसे अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने और कार्यप्रणाली में तत्काल सुधार लाने के निर्देश दिए। औषधि एवं खाद्य विभाग की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने निरीक्षणों की संख्या बढ़ाने और खाद्य पदार्थों के अधिक से अधिक नमूने लेने के निर्देश दिए। उन्होंने बड़े प्रतिष्ठानों के खिलाफ भी प्रभावी जांच अभियान चलाने तथा गुणवत्ता मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा। पीएम स्वनिधि योजना की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने अधिक से अधिक आवेदन कराने और बैंकों में लंबित आवेदनों का शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश दिए। कर एवं करेत्तर राजस्व प्राप्तियों की समीक्षा में खनन विभाग द्वारा निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष मात्र 36.58 प्रतिशत राजस्व वसूली पाए जाने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। खराब प्रगति पर खान निरीक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी करने तथा सुधार न होने पर अगले माह वेतन रोकने की चेतावनी भी दी गई। स्टांप एवं पंजीयन विभाग को बी ग्रेड मिलने पर भी जिलाधिकारी ने असंतोष व्यक्त किया और राजस्व वृद्धि के लिए प्रभावी प्रयास करने के निर्देश दिए। समीक्षा के दौरान नामांतरण, पक्की पैमाइश, कुर्रा बंटवारा, पट्टा आवंटन और फार्मर रजिस्ट्री जैसे लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा गया। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी विवेक कुमार श्रीवास्तव, अपर जिलाधिकारी सत्यप्रिय सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
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सीएम डैशबोर्ड समीक्षा: डीएम ने लापरवाही पर जताई नाराजगी:कई अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश