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संभल से समाजवादी पार्टी के विधायक नवाब इकबाल महमूद ने भारतीय जनता पार्टी और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने भाजपा विधायक नंद किशोर गुर्जर के देवबंद को बंद करने संबंधी बयान को पूरी तरह राजनीतिक बताया। मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के मुद्दे पर बोलते हुए, विधायक महमूद ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “चुनाव आयोग अब भाजपा का एक ऑफिस बन गया है और वहां होने वाली अधिकांश गतिविधियां भाजपा की निगरानी में संचालित होती दिखाई देती हैं। विधायक इकबाल महमूद ने बुधवार शाम 7 बजे संभल स्थित अपने आवास पर मीडिया से बात करते हुए कहा कि नंद किशोर गुर्जर का बयान अपने क्षेत्र में हिंदू-मुस्लिम ध्रुवीकरण कर राजनीतिक लाभ प्राप्त करने के उद्देश्य से दिया गया है। उन्होंने देवबंद संस्थान के गौरवशाली इतिहास का जिक्र करते हुए बताया कि यह देश की आजादी से पहले का है और इसने स्वतंत्रता आंदोलन में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। महमूद ने आगे कहा कि इस संस्थान से पढ़कर कई लोग देश-दुनिया में उच्च पदों पर पहुंचे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि देवबंद को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है, जबकि वहां किसी भी राष्ट्रविरोधी गतिविधि का कोई प्रमाण नहीं मिला है। महमूद ने दावा किया कि विपक्षी दलों को आयोग से निष्पक्ष न्याय की उम्मीद कम है। उन्होंने मीनाक्षी नटराजन के नामांकन रद्द होने को आवश्यक जानकारी के अभाव के कारण हुई कार्रवाई बताया, लेकिन साथ ही आयोग की भूमिका पर संदेह व्यक्त किया। इंडिया गठबंधन को लेकर उठ रहे सवालों पर नवाब इकबाल महमूद ने स्पष्ट किया कि गठबंधन पूरी तरह एकजुट है। उन्होंने बताया कि इसकी बैठकों की अध्यक्षता कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे कर रहे हैं और कांग्रेस के नेतृत्व में गठबंधन आगे बढ़ रहा है। पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेताओं के पार्टी छोड़ने के सवाल पर उन्होंने संक्षिप्त टिप्पणी करते हुए कहा, “बुरे वक्त में बहुत कम लोग रुकते हैं।” उनके इस बयान को बंगाल की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों पर एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।
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सपा विधायक इकबाल महमूद बोले- चुनाव आयोग भाजपा का ऑफिस:संभल में कहा- न्याय की कोई उम्मीद नहीं, नंदकिशोर गुर्जर के बयान को राजनीतिक बताया