![]()
गोरखपुर के अपर निदेशक, चिकित्सा स्वास्थ्य और परिवार कल्याण के सभागार में राष्ट्रीय डेंगू दिवस के अवसर पर एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में ANM ट्रेनिंग स्कूल की लगभग 100 छात्राओं, अध्यापकों और अपर निदेशक कार्यालय के कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। इस अवसर पर डॉ वी. के. श्रीवास्तव की ओर से डेंगू लक्षण, कारण, बचाव और इलाज के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए पॉवर प्वाइंट प्रेजेंटेशन और वीडियो के माध्यम से विस्तृत जानकारी दी गई। वायरल बुखार की तरह कंट्रोल किया जा सकता अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य डॉ. जयंत कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि मानसून से पूर्व आमजन को डेंगू के प्रति जागरूक करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि लापरवाही से डेंगू एक गंभीर बीमारी हो सकता है, लेकिन समय पर पहचान और इलाज से यह सामान्य वायरल बुखार की तरह कंट्रोल किया जा सकता है, बशर्ते इसमें कोई लापरवाही न बरती जाए। संयुक्त निदेशक डॉ. बी. एम. राव ने बताया कि अगर किसी व्यक्ति में डेंगू के लक्षण दिखाई दें तो उसे तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर जांच करानी चाहिए। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि जनपद के सभी स्वास्थ्य केंद्रों, जिला चिकित्सालयों और मेडिकल कॉलेजों में डेंगू की जांच और इलाज की निःशुल्क व्यवस्था उपलब्ध है। कार्यक्रम में एनएमडीसी की एएनएम छात्राएं, प्रिंसिपल कंचन त्रिपाठी, अन्य अध्यापिकाएं और अपर निदेशक कार्यालय के कर्मचारी उपस्थित रहे।
Source link
लापरवाही पड़ी भारी तो जानलेवा बन सकता है डेंगू:समय पर इलाज ही सबसे बड़ा बचाव, गोरखपुर में प्रजेंटेशन के माध्यम से समझाया महत्व