ललितपुर में दबंगों की पिटाई से बुजुर्ग की मौत:परिजनों ने शव रखकर किया प्रदर्शन, आरोपियों के एनकाउंटर की मांग


ललितपुर में दबंगों की मारपीट में गंभीर रूप से घायल बुजुर्ग की झांसी मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान मौत हो गई। बुधवार शाम उनका शव ललितपुर पहुंचते ही परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। परिजनों ने शव को सदनशाह चौराहे पर रखकर प्रदर्शन किया और आरोपियों के एनकाउंटर की मांग की। करीब आधे घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद पुलिस अधिकारियों के समझाने पर परिजन शांत हुए और शव को अंतिम संस्कार के लिए गांव ले गए। रात करीब 9 बजे उनका अंतिम संस्कार किया गया। मामला मंगलवार सुबह का है। कोतवाली सदर क्षेत्र के सिद्धनपुरा मोहल्ला निवासी 38 वर्षीय कृष्णपाल यादव बुढ़वार रोड स्थित आईटीआई कॉलेज के पास एक पेट्रोल पंप पर पेट्रोल भरवाने पहुंचे थे। आरोप है कि उसी दौरान सिद्धनपुरा निवासी इंदल सिंह यादव अपने भाई पुष्पेंद्र यादव, प्रधान यादव, नेहरूनगर निवासी चंचल यादव, बंदरगुढ़ा निवासी दीपक यादव, इलाईट चौराहा निवासी सनत परिहार और राज राजा समेत अन्य साथियों के साथ वहां पहुंच गया। परिजनों के अनुसार, इंदल यादव ने कृष्णपाल से शराब पीने के लिए पैसे मांगे। कृष्णपाल द्वारा पैसे देने से इनकार करने पर आरोपियों ने लाठी-डंडों और सरिया से उन पर हमला कर दिया। आरोप है कि हमलावरों ने कृष्णपाल को घेरकर बेरहमी से पीटा, जिससे उनके हाथ-पैर तक टूट गए। गंभीर रूप से घायल होने के बाद उन्हें मरा समझकर आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना की सूचना मिलने पर कृष्णपाल के पिता घनश्याम यादव (60) और मां गुड्डी यादव (55) बुढ़वार गांव से ललितपुर की ओर आ रहे थे। आरोप है कि रास्ते में आरोपियों ने उन्हें भी रोक लिया और दोनों पर लाठी-डंडों तथा सरिया से हमला कर दिया। हमले में तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तत्काल उपचार के लिए झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, जहां मंगलवार देर शाम उपचार के दौरान घनश्याम यादव ने दम तोड़ दिया। वहीं, कृष्णपाल यादव और उनकी मां गुड्डी यादव की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है और उनका इलाज जारी है। बुधवार शाम शव ललितपुर पहुंचने के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने सदनशाह चौराहे पर शव रखकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी के साथ उनके एनकाउंटर की मांग की। सूचना पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझाया और निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद करीब आधे घंटे बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ और परिजन शव को अंतिम संस्कार के लिए गांव ले गए, जहां रात करीब 9 बजे अंतिम संस्कार किया गया। पुलिस का कहना है कि मामले में आरोपियों की तलाश की जा रही है और तहरीर के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।

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