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लखनऊ में साइबर ठगो ने एक व्यक्ति के बैंक खाते से 11.05 लाख रुपए निकाल लिए गए। पीड़ित ने बैंक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए पुलिस में कार्रवाई न होने पर कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। कोर्ट के आदेश पर जानकीपुरम थाने में मुकदमा दर्ज हुआ है। एक SMS से खुला पूरा मामला पीड़ित कुमार विक्रम के मुताबिक 20 जून 2024 को दोपहर 2:18 बजे उनके मोबाइल पर 5 लाख रुपए ट्रांसफर का मैसेज आया। यह ट्रांजेक्शन उन्होंने नहीं किया था। कस्टमर केयर से संपर्क करने पर पता चला कि एक दिन पहले यानी 19 जून को ही 3.50 लाख, 1.50 लाख और 5 हजार रुपए निकाले जा चुके थे। इसके अलावा 20 जून को 5 लाख और शाम तक 6 लाख रुपए और ट्रांसफर हो गए। कुल मिलाकर 11.05 लाख रुपए खाते से साफ हो गए। बैंक पर गंभीर आरोप पीड़ित का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद बैंक ने तुरंत कोई कार्रवाई नहीं की और 24 घंटे इंतजार करने को कहा। बाद में खाते की सेवाएं बंद कराई गईं। उनका कहना है कि बिना OTP या अलर्ट के इतनी बड़ी रकम निकलना बैंकिंग सुरक्षा पर सवाल खड़ा करता है। पीड़ित के अनुसार, बैंक ने जांच के नाम पर खाते में 16.05 लाख रुपए की क्रेडिट लिमिट डाली, जिससे भरोसा बना। लेकिन 17 सितंबर 2024 को बिना सूचना यह राशि वापस ले ली गई। बैंक ने ग्राहक को ही ठहराया जिम्मेदार करीब 7 महीने बाद 18 दिसंबर 2024 को बैंक ने पत्र भेजकर ट्रांजेक्शन को ग्राहक की गलती बताया, लेकिन कोई ठोस सबूत नहीं दिया। पीड़ित ने 24 सितंबर 2024 को साइबर थाने में शिकायत दी और बाद में 3 दिसंबर 2025 को दोबारा उच्च अधिकारियों को भी लिखा, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। जिसके बाद कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज हुआ है।
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लखनऊ में 11 लाख की साइबर ठगी:बैंक पर लापरवाही का आरोप: FIR के लिए कोर्ट पहुंचा पीड़ित