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आईवीआरआई, इज्जतनगर में BASIC-2026 महाकुंभ का आगाज इज्जतनगर स्थित भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) में सोमवार 1 जून 2026 से एक भव्य वैज्ञानिक महाकुंभ का आयोजन होने जा रहा है, जिसे BASIC-2026 नाम दिया गया है। यह आयोजन विकसित भारत @2047 क
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परंपरा और तकनीक के समन्वय पर रहेगा विशेष जोर इस कॉन्क्लेव की केंद्रीय थीम परंपरा से प्रौद्योगिकी तक रखी गई है। आयोजन का मुख्य केंद्र बिंदु भारत की सदियों पुरानी समृद्ध ज्ञान प्रणाली और स्वदेशी तकनीकी ज्ञान को आज की अत्याधुनिक पशु चिकित्सा विज्ञान तकनीकों के साथ जोड़ना है। प्रधानमंत्री की दूरदर्शी सोच के अनुरूप, यह मंच विज्ञान और समाज के बीच की दूरी को कम करने का काम करेगा, ताकि आधुनिक शोध और नवाचारों का लाभ अंतिम छोर पर बैठे किसान और आम नागरिक तक आसानी से पहुँच सके।
देशभर के दिग्गजों और युवाओं का बनेगा साझा मंच BASIC-2026 में केवल वैज्ञानिक ही नहीं, बल्कि देश के कोने-कोने से 300 से अधिक शोधकर्ता, पशु चिकित्सक, उद्यमी, स्टार्टअप संचालक, प्रगतिशील किसान और नीति निर्माता एक साथ दिखाई देंगे। यह आयोजन प्रयोगशाला से लेकर खेत और उद्योग तक के सफर को सुगम बनाने के लिए एक सेतु का काम करेगा। कार्यक्रम में ज्ञान के आदान-प्रदान के लिए विशेष सत्र रखे गए हैं, जो भविष्य की कार्ययोजना तैयार करने में मील का पत्थर साबित होंगे।
युवा वैज्ञानिकों को मिलेगा अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका कॉन्क्लेव का सबसे आकर्षक हिस्सा यंग साइंटिस्ट कॉन्क्लेव होगा। यहाँ युवा प्रतिभाओं को अपनी बात रखने और अपने शोध को प्रस्तुत करने के लिए एक बड़ा मंच मिलेगा। युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डाटा साइंस और नैनो टेक्नोलॉजी जैसे उभरते हुए क्षेत्रों में काम करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। यह सत्र युवा विशेषज्ञों को वैश्विक स्तर के विशेषज्ञों के साथ संवाद करने और उनसे मार्गदर्शन लेने का अवसर भी प्रदान करेगा।
पशु स्वास्थ्य और जलवायु अनुकूल खेती पर होगा गहन मंथन आयोजन के दौरान छह प्रमुख विषयों पर वैज्ञानिक सत्र आयोजित किए जाएंगे। इनमें पशु स्वास्थ्य, कल्याण और सामुदायिक सेवाओं के रूपांतरण के साथ-साथ वन हेल्थ, जैव सुरक्षा और एंटीमाइक्रोबियल प्रबंधन जैसे संवेदनशील विषयों पर चर्चा होगी। इसके अतिरिक्त, सतत पशुधन प्रणाली, पर्यावरण और जलवायु के अनुकूल उत्पादन तकनीक तथा एआई आधारित प्रिसीजन लाइवस्टॉक फार्मिंग पर भी गहन मंथन किया जाएगा।
दिग्गज वैज्ञानिकों की देखरेख में तैयार हो रही रूपरेखा इस विशाल आयोजन की जिम्मेदारी देश के जाने-माने शिक्षाविदों और वैज्ञानिकों के कंधों पर है। आईसीआर के महानिदेशक डॉ. मांगी लाल जाट और मंत्रालय के सचिव नरेश पाल गंगवार समेत कई प्रतिष्ठित नाम मुख्य संरक्षक के रूप में जुड़े हैं। आईवीआरआई के निदेशक डॉ. राघवेंद्र भट्टा कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे हैं, जबकि डॉ. एस.के. सिंह आयोजन संयोजक की भूमिका निभा रहे हैं। एक मजबूत राष्ट्रीय सलाहकार समिति और सक्रिय आयोजन टीम इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए दिन-रात जुटी हुई है।