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लखनऊ के रवींद्रालय में शुक्रवार को जी जे एकेडमी ऑफ ड्रामेटिक आर्ट्स ने नाटक ‘मैं तुझ में’ का मंचन किया। यह प्रस्तुति रामायण की महिला पात्रों के भावनात्मक और मानसिक पहलुओं पर केंद्रित थी, जिसने दर्शकों को गहराई से प्रभावित किया। नाटक की परिकल्पना, संगीत और निर्देशन आलोक श्रीवास्तव ने किया था, जबकि इसका लेखन ललित सिंह पोखरिया ने किया। रामायण के विभिन्न संस्करणों पर गहन शोध के बाद तैयार की गई इस प्रस्तुति में उन महिला पात्रों को प्रमुखता दी गई, जिन्होंने अपने संस्कारों और त्याग से भगवान राम को मर्यादापुरुषोत्तम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। धर्म पालन को प्रभावशाली ढंग से दर्शाया गया मंचन में कौशल्या, कैकई, सुमित्रा, शबरी, मंदोदरी, उर्मिला और सीता जैसे पात्रों की भावनाओं, संघर्षों और धर्म पालन को प्रभावशाली ढंग से दर्शाया गया। भावपूर्ण गीतों और नृत्य के माध्यम से प्रत्येक किरदार का संदेश दर्शकों तक खूबसूरती से पहुँचाया गया। कई दृश्यों ने सभागार में उपस्थित लोगों को भावुक कर दिया। नाटक में अर्चना शुक्ला, अपूर्वा श्रीवास्तव, स्तुति अवस्थी, डॉ. रुपाली श्रीवास्तव, नैना चंद्रा, माधवी निगम और सिमरन अवस्थी ने मुख्य भूमिकाएं निभाईं। कलाकारों के अभिनय और संवाद अदायगी को दर्शकों ने खूब सराहा। रामायण की महिला पात्रों की आंतरिक पीड़ा को दिखाया गया इस प्रस्तुति की एक खास बात यह रही कि यह केवल भक्ति भाव तक सीमित नहीं थी। इसने रामायण की महिला पात्रों की आंतरिक पीड़ा, संवेदनाओं और मानसिक स्थिति को भी अत्यंत संवेदनशील तरीके से सामने रखा।इस अवसर पर आरुषि विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहीं। कार्यक्रम में डॉ. संजय श्रीवास्तव, डॉ. नकुल सिन्हा, डॉ. के पी चंद्रा, ज्योति किरण सिन्हा, कवि सर्वेश अस्थाना, मनीष हिंदवी, सूर्यमोहन कुलश्रेष्ठ और सुशील कुमार सिंह सहित बड़ी संख्या में गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
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लखनऊ में 'मैं तुझ में' नाटक का मंचन:रामायण की महिला पात्रों के भावनात्मक पक्ष को दर्शाया गया