![]()
उत्तर प्रदेश सरकार की पूर्व मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता ओमवती देवी का शुक्रवार शाम लगभग 4 बजे बिजनौर में निधन हो गया। उनके निधन की खबर से कांग्रेस कार्यकर्ताओं, समर्थकों और पूरे जनपद में शोक की लहर दौड़ गई। दलित समाज की मजबूत आवाज मानी जाने वाली ओमवती देवी ने अपने लंबे राजनीतिक जीवन में वंचित, दलित और पिछड़े वर्गों के अधिकारों के लिए लगातार संघर्ष किया। वह सामाजिक न्याय और महिला सशक्तिकरण के मुद्दों को लेकर सक्रिय रहीं। 1985 में शुरू हुआ राजनीतिक सफर ओमवती देवी ने वर्ष 1985 में कांग्रेस के टिकट पर नगीना विधानसभा सीट से चुनाव जीतकर पहली बार विधायक के रूप में राजनीति में कदम रखा था। इसके बाद उन्होंने समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और कांग्रेस सहित विभिन्न दलों में रहते हुए सक्रिय राजनीति की। वह चार बार विधायक और एक बार सांसद रहीं। साथ ही उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री पद की जिम्मेदारी भी संभाली। परिवार में राजनीतिक और प्रशासनिक पृष्ठभूमि ओमवती देवी पूर्व आईएएस अधिकारी आर.के. सिंह की पत्नी थीं। उनके पुत्र राजीव कुमार मेरठ में पुलिस अधीक्षक के पद पर तैनात हैं। वहीं उनकी बहू हेनरिता राजीव सिंह वर्तमान में जिला कांग्रेस कमेटी बिजनौर की अध्यक्ष हैं। परिवार में उनके एक पुत्र और चार पुत्रियां हैं। अंतिम दर्शन के लिए ले जाया जाएगा पार्थिव शरीर परिवार के अनुसार, रविवार सुबह 11 बजे उनका पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए बिजनौर से नगीना शहर, उनके मायके गांव तखाबली और इसके बाद ग्राम रूपपुर ले जाया जाएगा।
Source link
बिजनौर में पूर्व मंत्री ओमवती देवी का निधन:1985 में कांग्रेस के टिकट पर नगीना से पहली बार बनीं थी विधायक