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लखनऊ के अंतरराष्ट्रीय ओजोन परत संरक्षण दिवस पर बुधवार कों आंचलिक विज्ञान नगरी में विद्यार्थियों के लिए शैक्षिक और जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया । उत्तर प्रदेश पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन निदेशालय के सहयोग से हुए दो दिवसीय कार्यक्रम की थीम शीतल ग्रह के लिए वैश्विक कार्रवाई रही। इसमें ओजोन परत संरक्षण, जलवायु परिवर्तन, सतत शीतलन और ऊर्जा दक्षता के बारे में विद्यार्थियों को जानकारी दी गई। कार्यक्रम में तात्कालिक भाषण, पोस्टर डिजाइन, स्लोगन लेखन, विज्ञान प्रश्नोत्तरी, वृक्षारोपण और विज्ञान फिल्म प्रदर्शन जैसी गतिविधियां हुईं। प्रतियोगिताओं के जरिए विद्यार्थियों ने पर्यावरण से जुड़े मुद्दों को वैज्ञानिक और रचनात्मक तरीके से प्रस्तुत किया। जलवायु परिवर्तन कों सरल तरीके से समझाया बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के पर्यावरण विज्ञान विभाग के प्रो. नवीन कुमार अरोड़ा ने लोकप्रिय विज्ञान व्याख्यान दिया। उन्होंने ओजोन परत के महत्व, वायुमंडलीय प्रक्रियाओं और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को सरल तरीके से समझाया। उन्होंने कहा कि पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने के लिए वैज्ञानिक सोच, शोध, नवाचार और तकनीक जरूरी हैं। सतत शीतलन व्यवस्था और ऊर्जा दक्षता को पर्यावरणीय प्रभाव कम करने का महत्वपूर्ण उपाय बताया। युवाओं की भूमिका अहम पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन निदेशालय के उप निदेशक सुब्रन कुमार ने विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण में युवाओं की भूमिका के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी अपने परिवार, स्कूल और समुदाय में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ा सकते हैं। उन्होंने ऊर्जा और पानी बचाने, कचरा कम करने, अनावश्यक उपभोग से बचने और पर्यावरण-अनुकूल आदतें अपनाने के लिए प्रेरित किया।कार्यक्रम के अंत में विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता विद्यार्थियों को सम्मानित और पुरस्कृत किया गया।
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लखनऊ में ओजोन परत संरक्षण दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम:आंचलिक विज्ञान नगरी में विद्यार्थियों को ओजोन परत संरक्षण की जानकारी दी गई