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लखनऊ विश्वविद्यालय में गोमती पुस्तक महोत्सव के पांचवें संस्करण के पांचवें दिन साहित्य, कहानी, रंगमंच, विज्ञान, संगीत और कविता से जुड़े कार्यक्रम हुए। चिल्ड्रन्स कॉर्नर में बच्चों ने दास्तानगोई, अभिनय, विज्ञान प्रयोग और कविता पाठ में शामिल हुए । वहीं लेखक से मिलिए में डॉ. हरिओम ने अपने साहित्यिक अनुभव साझा किए। दास्तानगो आस्था और तस्नीम ने बच्चों को कहानी सुनाई। रंजीता और राहुल ने ‘रंगमंच: कल्पना और अभिनय’ के जरिए बच्चों को अभिनय की बारीकियां समझाईं। विज्ञान सत्र में प्रयोगों और गतिविधियों से वैज्ञानिक अवधारणाओं को सरल तरीके से बताया गया। ‘राष्ट्रीय ई-पुस्तकालय एवं कविता पाठ’ में विद्यार्थियों ने नागार्जुन, कबीर और रवींद्रनाथ टैगोर की रचनाएं प्रस्तुत कीं। प्रतिभागियों को एनबीटी की पुस्तकें, उपहार और प्रमाण-पत्र दिए गए। कहानी, कविता और गजल लेखन की प्रक्रिया बताई लेखक से मिलिए’ कार्यक्रम में डॉ. हरिओम ने लेखन, प्रशासन और रचनात्मक प्रक्रिया पर बात की। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक सेवा के साथ साहित्य के लिए समय निकालना चुनौतीपूर्ण है, लेकिन समाज और लोगों से जुड़ाव लेखन को लगातार विषय देता है। उन्होंने कहानी, कविता और गजल लेखन की प्रक्रिया बताई और कबीर, तुलसीदास व गालिब का उल्लेख किया। उन्होंने अपनी प्रकाशित पुस्तकों और तीन पुस्तकों के अनुवाद की जानकारी दी। कार्यक्रम में उन्होंने गीत भी प्रस्तुत किए। गुरु-शिष्य परंपरा और साहित्य में अनुशासन पर चर्चा संगीत, साहित्य और जेन जी संवाद में मालिनी अवस्थी और यतींद्र मिश्र ने नई पीढ़ी की सोच, संगीत में बदलाव, गुरु-शिष्य परंपरा और साहित्य में अनुशासन पर चर्चा की। मालिनी अवस्थी ने लखनऊ से अपने जुड़ाव और लखनऊ विश्वविद्यालय में पढ़ाई के अनुभव साझा किए। उन्होंने दादरा भी प्रस्तुत किया। यतींद्र मिश्र ने पीढ़ियों के बीच संवाद और समझ को जरूरी बताया। हिंदी दिवस पर कवि सम्मेलन में मंजीत सिंह ने संचालन किया। चिराग जैन, पंकज प्रसून, सर्वेश अस्थाना, डॉ. मालविका हरिओम और मनीषा शुक्ला ने काव्य पाठ किया। मनीषा शुक्ला की पंक्ति ‘जीवन इक अभ्यास है, अनुभव एक किताब’ को सराहना मिली। शाम को ‘बज्म-ए-इश्क’ में अमीर खुसरो की रचनाओं पर नृत्य प्रस्तुति हुई। डॉ. सुरभि शुक्ला ने निर्देशन किया। इसके बाद आकाशवाणी दिल्ली के युवा कलाकार देवानंद झा ने गायन प्रस्तुति दी।
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गोमती पुस्तक महोत्सव में साहित्य, संगीत और विज्ञान पर कार्यक्रम:बच्चों ने दास्तानगोई, अभिनय और विज्ञान प्रयोग किए