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लखनऊ के देवा रोड स्थित श्री परमानंद हरि हर मंदिर ने मंगलवार को अपनी पांचवीं वर्षगांठ मनाई। इस अवसर पर ईश्वरीय स्वप्नाशीष सेवा समिति द्वारा हवन-पूजन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में भारत के उत्थान और विश्व शांति के लिए प्रार्थना की गई। इसके बाद सामूहिक सुंदरकांड पाठ, भजन-कीर्तन और भंडारे का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। सपना गोयल ने बताया कि मंदिर की स्थापना 10 जुलाई 2021 को अमावस्या के दिन हुई थी। उन्होंने बताया कि मंदिर निर्माण की प्रेरणा उन्हें स्वप्न में मिली थी। इसी उद्देश्य से ईश्वरीय स्वप्नाशीष सेवा समिति का गठन किया गया है, जो सनातन जागृति और सामाजिक-धार्मिक गतिविधियों का संचालन करती है। सामूहिक सुंदरकांड का आयोजन किया जाता हैं सपना गोयल ने मंदिर की विशेषता बताते हुए कहा कि यहां हरि (विष्णु) और हर (शिव) दोनों की आराधना होती है। मंदिर परिसर में वरदानी बाबा के रूप में महादेव, प्रभु राम का दरबार, राधा-कृष्ण, मां दुर्गा, दक्षिणमुखी हनुमान और शनि महाराज की प्रतिमाएं स्थापित हैं। सपना गोयल ने कहा कि समिति का उद्देश्य सुंदरकांड पाठ के माध्यम से सनातन संस्कृति के प्रति जनजागरण करना और भारत को पुनः विश्व गुरु के रूप में स्थापित करने की भावना को मजबूत करना है। इसी क्रम में सुंदरकांड पाठ तथा प्रत्येक मंगलवार और शनिवार को विभिन्न मंदिरों में सामूहिक सुंदरकांड का आयोजन किया जाता है। भंडारों का आयोजन किया उन्होंने बताया कि समिति ने लखनऊ, नैमिषारण्य, अयोध्या, काशी, हरिद्वार, चित्रकूट, प्रयागराज, मथुरा, कानपुर और उत्तराखंड समेत कई धार्मिक स्थलों पर सामूहिक सुंदरकांड पाठ आयोजित किए हैं। आगामी लक्ष्य लखनऊ में हजारों महिलाओं के साथ सामूहिक सुंदरकांड पाठ आयोजित करना है। साथ ही समय-समय पर भंडारों का आयोजन भी किया जा रहा है।
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लखनऊ के श्री परमानंद हरि हर मंदिर की पांचवीं वर्षगांठ:ईश्वरीय स्वप्नाशीष सेवा समिति ने किया हवन-पूजन