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उन्नाव में रविवार को अकबरपुर दबौली में एक परिवार की जिंदगी उस समय बदल गई, जब 55 वर्षीय बिट्टन सिंह घर से किसी काम के लिए निकले थे। रास्ते में निर्माणाधीन नाले के पास पहुंचते ही उनका पैर फिसल गया। इससे पहले कि वह खुद को संभाल पाते, वह खुले और गहरे गड्ढे में जा गिरे। नाले के निर्माण के लिए वहां लोहे के सरिए लगे हुए थे। गिरते ही एक सरिया बिट्टन सिंह के पेट में घुस गया। वह गंभीर रूप से घायल हो गए और लहूलुहान हालत में मदद के लिए चीखने लगे। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग और राहगीर दौड़ पड़े। लोगों ने काफी मशक्कत के बाद उन्हें निर्माणाधीन नाले से बाहर निकाला, लेकिन तब तक काफी खून बह चुका था। गंभीर चोट और अत्यधिक रक्तस्राव के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद अकबरपुर दबौली गांव में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही परिवार के लोग भी मौके पर पहुंच गए। कुछ देर पहले तक सामान्य तरीके से घर से निकले बिट्टन सिंह अब परिवार के सामने बेसुध पड़े थे। पत्नी मीरा सिंह और दोनों बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। किसी काम से निकले थे, नाले के पास पहुंचते ही बिगड़ा संतुलन मृतक की पहचान अकबरपुर दबौली निवासी जगतपाल सिंह के पुत्र बिट्टन सिंह के रूप में हुई है। वह रविवार को किसी जरूरी काम से घर से निकले थे। रास्ते में निर्माणाधीन नाले के पास पहुंचने के दौरान अचानक उनका पैर फिसल गया। नाला खुला हुआ था और वहां गहरा गड्ढा बना था। बिट्टन सिंह संभल नहीं सके और सीधे नाले के अंदर जा गिरे। स्थानीय लोगों के मुताबिक, नाले का निर्माण कार्य चल रहा था और मौके पर लोहे के सरिए भी लगे हुए थे। गिरने के दौरान वह इन्हीं सरियों की चपेट में आ गए। हादसा इतना गंभीर था कि एक सरिया उनके पेट में घुस गया। चोट लगते ही वह बुरी तरह घायल हो गए और शरीर से तेजी से खून बहने लगा। घटना के बाद वहां से गुजर रहे लोगों को अचानक चीख सुनाई दी। जब लोग मौके पर पहुंचे तो बिट्टन सिंह नाले में घायल पड़े हुए थे।
चीख सुनकर दौड़े ग्रामीण, काफी मशक्कत के बाद नाले से निकाला निर्माणाधीन नाले में गिरे व्यक्ति को देखकर आसपास मौजूद लोग तुरंत मदद के लिए जुट गए। ग्रामीणों और राहगीरों ने मिलकर उन्हें बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया। नाले की गहराई और सरियों के कारण उन्हें निकालना आसान नहीं था। लोगों ने काफी मशक्कत के बाद बिट्टन सिंह को बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनकी हालत बेहद गंभीर हो चुकी थी। पेट में सरिया घुसने से उन्हें गहरी चोट आई थी और अत्यधिक रक्तस्राव हो चुका था। मदद के लिए पहुंचे लोग उन्हें बचाने की कोशिश करते रहे, लेकिन गंभीर हालत के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई। एक छोटे से पैर फिसलने के बाद हुआ यह हादसा चंद पलों में जानलेवा साबित हो गया। जिस रास्ते से बिट्टन सिंह रोजमर्रा के काम के लिए निकले थे, वहीं बना निर्माणाधीन नाला उनके लिए मौत का कारण बन गया। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई और निर्माणाधीन नाले की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चर्चा होने लगी।
पत्नी और दो बच्चों पर टूटा दुखों का पहाड़, पुलिस ने शुरू की जांच बिट्टन सिंह की मौत की सूचना जैसे ही घर पहुंची, परिवार में कोहराम मच गया। उनकी पत्नी मीरा सिंह और दोनों बच्चे इस अचानक हुए हादसे से सदमे में हैं। परिवार के लोग यह सोचकर भी स्तब्ध हैं कि रविवार को बिट्टन सिंह सामान्य तरीके से घर से निकले थे, लेकिन कुछ ही देर बाद उनकी मौत की खबर आ गई। सूचना मिलने पर माखी थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और हादसे से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाई। माखी थाना प्रभारी योगेश सिंह ने बताया कि सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटना की जांच-पड़ताल की गई है। मामले में तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अब इस हादसे ने निर्माणाधीन नाले की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। खुले गड्ढे और वहां लगे लोहे के सरियों के बीच रास्ते से गुजरने वाले लोगों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जा रही थी, इसकी जांच भी महत्वपूर्ण होगी।
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