रायबरेली में लेखपाल पर लगे भ्रष्टाचार के आरोप निराधार:लेखपाल संघ ने कार्य बहिष्कार और मानहानि मुकदमे की चेतावनी दी, कार्रवाई की मांग


रायबरेली के लालगंज तहसील में उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के पदाधिकारियों ने क्षेत्रीय लेखपाल दिनेश कुमार पर लगाए गए रिश्वत के आरोपों को लेकर आपातकालीन बैठक की। संघ ने आरोपों को निराधार बताते हुए सोशल मीडिया और कुछ पोर्टल्स पर बिना प्रशासनिक पुष्टि के खबरें प्रसारित किए जाने पर नाराजगी जताई। पदाधिकारियों का कहना है कि इससे लेखपाल और उनके परिवार की सामाजिक प्रतिष्ठा प्रभावित हो रही है। छत गिरने के बाद मुआवजे से जुड़ा था मामला संघ के मुताबिक, मलकेगांव के क्षेत्रीय लेखपाल दिनेश कुमार पर ग्राम उपरेहटा निवासी सुमन द्विवेदी ने रिश्वत मांगने का आरोप लगाया था। महिला के मकान की छत तेज बारिश के दौरान गिर गई थी। आरोप था कि आर्थिक सहायता और मुआवजा दिलाने के नाम पर लेखपाल ने रिश्वत मांगी। लेखपाल संघ का कहना है कि मामले की विभागीय स्तर पर जांच की गई, जिसमें आरोप निराधार पाए गए। संघ के अनुसार, मौके पर मौजूद ग्राम प्रधान और ग्रामीणों ने भी लेखपाल की ओर से रिश्वत या किसी अनुचित लाभ की मांग किए जाने से इनकार किया। संघ बोला- अनुचित लाभ की मांग पूरी नहीं होने पर लगाए आरोप संघ पदाधिकारियों ने दावा किया कि संबंधित महिला नियमों के विपरीत आर्थिक लाभ चाहती थी। उनकी मांग पूरी नहीं होने के बाद लेखपाल और अधिकारियों पर आरोप लगाए गए। संघ ने कहा कि किसी भी आरोप को जांच और प्रशासनिक पुष्टि के बिना सोशल मीडिया या मीडिया में प्रसारित करना उचित नहीं है। पदाधिकारियों ने कहा कि इस तरह की खबरों में किसी कर्मचारी की प्रतिष्ठा प्रभावित हो सकती है। उन्होंने बिना तथ्यों की पुष्टि के आरोपों को प्रसारित करने पर आपत्ति जताई। मानहानि और एफआईआर की मांग संघ के अध्यक्ष अमर बहादुर सिंह और मंत्री मनीष कुमार ने कहा कि इस तरह के आरोपों और कथित चरित्र-हनन से कर्मचारियों पर मानसिक दबाव बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि लगातार ऐसे मामलों से कर्मचारियों में गंभीर मानसिक तनाव की स्थिति पैदा हो सकती है। संघ ने आरोप लगाने वाली महिला और बिना सत्यता की जांच किए भ्रामक खबरें प्रसारित करने वालों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की मांग की है। इसमें मानहानि का मुकदमा और एफआईआर दर्ज कराने की मांग शामिल है। कार्रवाई नहीं हुई तो कार्य बहिष्कार की चेतावनी लेखपाल संघ ने चेतावनी दी कि यदि संबंधित लोगों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई नहीं की गई तो तहसील के सभी लेखपाल कार्य बहिष्कार और आमरण अनशन का रास्ता अपनाने के लिए बाध्य होंगे। संघ ने इसकी जिम्मेदारी प्रशासन पर होने की बात कही। इस संबंध में उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के पदाधिकारियों ने उपजिलाधिकारी, तहसील लालगंज को विस्तृत ज्ञापन भी सौंपा है।

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