रामनवमी मेले में राष्ट्रपति मुर्मू का आगमन:19 मार्च को नहीं जारी होंगे वीआईपी दर्शन पास, पहले से बने सुगम व विशिष्ट दर्शन पास भी रहेंगे निरस्त


चैत्र नवरात्र की वर्ष प्रतिपदा से शुरू होने वाले रामनवमी मेले के पहले ही दिन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के अयोध्या आगमन को लेकर विशेष व्यवस्था की जा रही है। इस दिन राम मंदिर में वीआईपी दर्शन पास जारी नहीं किए जाएंगे। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुसार 19 मार्च को सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक दो-दो घंटे के स्लॉट में जारी किए जाने वाले सुगम और विशिष्ट दर्शन पास पूरी तरह बंद रहेंगे। ट्रस्ट के पदाधिकारी डॉ. मिश्र ने बताया कि इस तिथि के लिए ऑनलाइन बनाए जा चुके सभी पास भी स्वतः निरस्त माने जाएंगे। श्रद्धालुओं को इस दिन सामान्य व्यवस्था के तहत ही दर्शन की सुविधा मिलेगी। आरती पास पर अभी फैसला बाकी
मंदिर प्रशासन के अनुसार मंगला आरती, शृंगार आरती और शयन आरती के पास को लेकर अभी विचार-विमर्श चल रहा है। भीड़ की स्थिति और जिला प्रशासन की सहमति के बाद इस पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। रामनवमी पर उमड़ती है सबसे अधिक भीड़
रामनवमी मेले में चैत्र नवरात्र के पहले दिन से ही श्रद्धालुओं का अयोध्या आगमन शुरू हो जाता है। हालांकि सप्तमी, अष्टमी और नवमी को यहां सबसे अधिक भीड़ रहती है। रामनवमी के दिन दोपहर 12 बजे रामलला के प्राकट्योत्सव के बाद ही अधिकतर श्रद्धालु वापस लौटते हैं। इस दौरान देर रात तक मंदिर के पट खोलकर दर्शन कराए जाते रहे हैं। रामनवमी पर सूर्य की किरणों का रामलला के ललाट पर पड़ने वाला दिव्य दृश्य देखने के लिए भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु अयोध्या पहुंचते हैं। रामलला और मां दुर्गा के करेंगी दर्शन
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अपने अयोध्या दौरे के दौरान रामलला और मां दुर्गा के दर्शन-पूजन भी करेंगी। राष्ट्रपति के आगमन को देखते हुए मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में विशेष सुरक्षा व्यवस्था की जा रही है। रामनवमी पर उमड़ती है सबसे ज्यादा भीड़
चैत्र नवरात्र के पहले दिन से शुरू होने वाले रामनवमी मेले में नौ दिनों तक धार्मिक अनुष्ठान चलते हैं। हालांकि परंपरागत रूप से सप्तमी, अष्टमी और नवमी को सबसे अधिक श्रद्धालु अयोध्या पहुंचते हैं। देर रात तक खुलता है मंदिर का पट
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पिछले वर्षों में रामनवमी के अंतिम दिनों में सभी प्रकार के दर्शन पास निरस्त कर दिए जाते रहे हैं और देर रात तक मंदिर का पट दर्शनार्थियों के लिए खुला रखा जाता है। इस बार भी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और व्यवस्थाओं के विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं।

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