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मेरठ में फर्जी सीबीआई अफसर बनकर रिटायर ऑफिसर से साइबर ठगी करने के आरोपी को पुलिस ने अरेस्ट किया है। आरोपी का नाम शब्बीर कुरैशी है जो झांसी का रहने वाला है। पुलिस ने आरोपी को अरेस्ट किया है। वहीं मनीलाँड्रिंग के नाम पर डिजिटल अरेस्ट कर ठगने के इस काम में और कौन लोग शामिल हैं पुलिस इसकी पूछताछ कर रही है।
साथियों संग मिलकर करता है ठगी
बिजली विभाग के सेवानिवृत्त अधिकारी राधा कृष्ण और उनकी पत्नी को डिजिटल हाउस अरेस्ट कर 1.41 करोड़ रुपये की ठगी करने के आरोपी ने पुलिस पूछताछ में बताया कि वह अपने साथियों के साथ मिलकर साइबर ठगी करता है। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है।
दिसंबर में दी थी पीड़ित ने शिकायत
कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र की रोहटा रोड स्थित नंद विहार कॉलोनी निवासी राधा कृष्ण बिजली विभाग से सेवानिवृत्त हैं। उन्होंने अप्रैल में शिकायत दी थी कि 14 दिसंबर को उनके मोबाइल पर एक कॉल आई थी। कॉल करने वाले ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताते हुए कहा कि उनके आधार कार्ड का इस्तेमाल कर नरेश गोयल नामक व्यक्ति ने मोबाइल सिम जारी कराया है। साथ ही उनके आधार कार्ड से दिल्ली स्थित एक बैंक में खाता खोलकर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी की गई है। इसके बाद कॉलर ने उन्हें अपने अन्य मोबाइल नंबर बंद करने की सलाह दी थी।
जब उन्होंने ऐसा करने से इनकार किया तो उनकी वीडियो कॉल पर अन्य कथित सीबीआई अधिकारी से बात कराई गई। आरोपी ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताते हुए राधा कृष्ण को गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई का डर दिखाया। साइबर ठगों ने उन्हें 33 दिन तक डिजिटल हाउस अरेस्ट जैसी स्थिति में रखा और जांच के नाम पर लगातार दबाव बनाते रहे। दबाव में करवाते रहे पैसे ट्रांसफर
पीड़ित ने पुलिस को बताया था कि आरोपियों ने उन पर मानसिक दबाव बनाया था। इसके चलते पीड़ित दंपती ने अपने बैंक खातों से अलग-अलग किश्तों में कुल 1.41 करोड़ रुपये आरटीजीएस के माध्यम से ठगों के बताए खातों में ट्रांसफर कर दिए। जब अकाउंट पूरा खाली हो गया तब उन्हें ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद पीड़ितों ने पुलिस और साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। एसपी क्राइम अवनीश कुमार का कहना है कि आरोपी के अन्य साथियों की तलाश की जा रही है।
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मेरठ में 1.41 करोड़ की ठगी करने वाला अरेस्ट:CBI अफसर बनकर रिटायर बुजुर्ग को किया था डिजिटल अरेस्ट