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इलाहाबाद हाई कोर्ट ने प्रयागराज में बेहतर चिकित्सा सुविधा के लिए राज्य सरकार के प्रयासों की जमकर सराहना की है। कहा है कि मोतीलाल नेहरू मेडिकल कालेज को जमीन आवंटित किए जाने के बाद शहर में टर्शियरी मेडिकल सेटअप का सपना हकीकत बन सकता है।
डा. अरविंद गुप्ता की याचिका की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल की एकलपीठ ने मंगलवार को कहा , ‘यह ऐसा कदम है, इससे प्रयागराज के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।’ कोर्ट को जिलाधिकारी ने भरोसा दिया कि अगले 24 घंटे में लीज डीड कर दी जाएगी। जमीन मिलने के बाद अब स्वरूपरानी अस्पताल में सुपर स्पेशियलिटी ब्लाक, ट्रॉमा सेंटर और नए विभाग खुलने का रास्ता साफ हो गया है।
मुख्य सचिव ने हलफनामा दाखिल किया मुख्य सचिव ने हलफनामा दाखिल कर कहा, हाई लेवल कमेटी गठित की गई है जो निर्माण की निगरानी करेगी। माना मेडिकल कॉलेज की परियोजनाएं लंबे समय से लटकी हैं और एजेंसियां काम पूरा करने में नाकाम रही हैं। मुख्य सचिव खुद मेडिकल कालेज और उससे संबद्ध स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल के लंबित कार्यों पर नजर रख रहे हैं।
अपर महाधिवक्ता एमसी चतुर्वेदी ने कोर्ट को बताया कि 25 मई 2026 को राज्य सरकार ने 31,314 वर्ग मीटर जमीन चिकित्सा शिक्षा विभाग को 90 साल की लीज सिर्फ एक रुपये सालाना पर आवंटित कर दी है। जिलाधिकारी जल्द ही मेडिकल कालेज के प्राचार्य के पक्ष में लीज डीड निष्पादित करेंगे। इससे पहले सरकार 18,700 वर्ग मीटर जमीन दे चुकी है। कुल 50,014 वर्ग मीटर जमीन अब मेडिकल कालेज के पास होगी।
कोर्ट ने कहा बेहतर इलाज मिलेगा यह जमीन शहर के बीचों-बीच स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल के विस्तार और उच्चीकरण के लिए होगी। कोर्ट ने इस कार्य के लिए पूर्व अपर मुख्य सचिव पार्थसारथी सेन शर्मा और वर्तमान अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष के प्रयासों की तारीफ की। जिनकी वजह सिर्फ 10 महीने में यह कार्य संभव हुआ। कोर्ट ने उम्मीद जताई कि शहर में ही विशेषज्ञ इलाज की सुविधा मिलेगी और आसपास के जिलों के मरीजों को भी फायदा होगा। जिलाधिकारी के साथ-साथ अपर महाधिवक्ता , अपर मुख्य स्थायी अधिवक्ता सुरेश सिंह, मुख्य स्थायी अधिवक्ता , न्यायमित्र ईशान देव गिरि और अपर मुख्य स्थायी अधिवक्ता प्रभूति कांत तथा उन अधिकारियों को भी कोर्ट ने सराहा, जिन्होंने जमीन आवंटन के लिए सरकार के साथ अथक प्रयास किया। प्रकरण में अगली सुनवाई 29 मई 2026 को दोपहर दो बजे होगी। कोर्ट ने मेडिकल कालेज प्राचार्य को व्यक्तिगत उपस्थिति से अगले आदेश तक छूट दे दी है।
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मेडिकल कालेज को जमीन देने के लिए सरकार को सराहा:हाईकोर्ट ने अधिकारियों व अधिवक्ताओं की तारीफ की, मिलेगा बेहतर उपचार