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लखनऊ व्यापार मंडल कार्यालय में शनिवार को प्रमुख सचिव (राज्य कर) कामिनी रतन चौहान और व्यापारियों के बीच संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान प्रतिबंधित चाइनीज मांझे की बिक्री रोकने और जन जागरूकता बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा हुई। कार्यक्रम की अध्यक्षता व्यापार मंडल के अध्यक्ष अमरनाथ मिश्र ने की। अमरनाथ मिश्र ने दावा किया कि शहर के व्यापारी प्रतिबंधित चाइनीज मांझा नहीं बेच रहे हैं, बल्कि इसकी बिक्री मुख्य रूप से ऑनलाइन प्लेटफॉर्मों के जरिए हो रही है। उन्होंने बताया कि पूर्व में भी व्यापारियों ने पुलिस प्रशासन के साथ मिलकर प्रतिबंधित मांझे की चरखियां और धागे नष्ट किए थे। शनिवार को सभी व्यापारियों ने दोबारा शपथ ली कि वे जान-माल के लिए खतरा बनने वाले इस मांझे का कारोबार नहीं करेंगे। मांझे से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है मिश्र ने यह भी कहा कि शहर में बढ़ते फ्लाईओवर और ऊंचे पुलों के कारण मांझे से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। व्यापारियों ने आवश्यकता पड़ने पर फ्लाईओवरों पर सुरक्षा के लिए तार लगाने में भी सहयोग देने की बात कही। महामंत्री अनुराग मिश्रा ने व्यापारियों की विभिन्न समस्याएं प्रमुख सचिव के सामने रखीं। वहीं, वरिष्ठ महामंत्री पवन मनोचा ने सुझाव दिया कि जांच के दौरान संबंधित व्यापारी संगठन के प्रतिनिधियों को भी साथ रखा जाए, ताकि किसी व्यापारी का अनावश्यक उत्पीड़न न हो। चेयरमैन राजेंद्र कुमार अग्रवाल ने जोर दिया कि यदि निर्माण स्तर पर ही प्रतिबंधित मांझे पर रोक लग जाए तो अवैध कारोबार स्वतः समाप्त हो जाएगा। व्यापारियों से जागरूकता अभियान चलाने की अपील प्रमुख सचिव कामिनी रतन चौहान ने कहा कि चाइनीज मांझा केवल व्यापार का नहीं, बल्कि जनसुरक्षा, पर्यावरण और समाज से जुड़ा एक गंभीर विषय है। उन्होंने बताया कि उच्च न्यायालय ने भी जांच के दौरान अनावश्यक उत्पीड़न न करने के निर्देश दिए हैं। पुलिस, गृह और पर्यावरण विभाग मिलकर इसके निर्माण और बिक्री पर प्रभावी रोक लगाने की रणनीति बना रहे हैं। उन्होंने व्यापारियों से जन-जागरूकता अभियान चलाने की अपील की, ताकि लोग सुरक्षित मांझे का ही उपयोग करें और दुर्घटनाओं से बचा जा सके। अंत में, उन्होंने व्यापार मंडल और सभी व्यापारियों का आभार व्यक्त किया।
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लखनऊ में प्रमुख सचिव और व्यापारी संवाद:चाइनीज मांझे की बिक्री रोकने पर हुई विस्तृत चर्चा