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मुरादाबाद में स्मार्ट मीटर को लेकर विवाद बढ़ गया है। उत्तर प्रदेश बिजली उपभोक्ता संगठन ने गुरुवार को जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। संगठन ने आरोप लगाया कि उपभोक्ताओं की बिना अनुमति जबरन स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं, जिससे उन्हें परेशानी हो रही है। यह कार्रवाई सरकारी दिशा-निर्देशों और बिजली कानून का उल्लंघन है। संगठन के पदाधिकारियों ने ज्ञापन में बताया कि केंद्रीय स्तर पर यह स्पष्ट निर्देश हैं कि किसी भी उपभोक्ता की सहमति के बिना स्मार्ट मीटर नहीं लगाया जा सकता। इसके बावजूद, बिजली विभाग लोगों को गुमराह कर, बहला-फुसलाकर या दबाव बनाकर मीटर स्थापित कर रहा है। संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि स्थापित किए गए कई स्मार्ट मीटरों को बाद में अचानक प्रीपेड प्रणाली में बदल दिया गया, जिससे उपभोक्ताओं के लिए नई समस्याएँ उत्पन्न हो गई हैं। ज्ञापन में कहा गया है कि हजारों उपभोक्ता अपनी समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिदिन बिजली विभाग के कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं। कई मामलों में बिल जमा करने के बावजूद बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो रही है। इससे आम जनता का दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है, जिससे उन्हें घरेलू कार्यों, बच्चों की पढ़ाई और व्यावसायिक गतिविधियों में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। संगठन ने जिलाधिकारी से मांग की है कि उपभोक्ता की अनुमति के बिना कोई भी स्मार्ट मीटर न लगाया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि पहले से लगाए गए स्मार्ट मीटरों को पोस्टपेड योजना में बदला जाए और जिन उपभोक्ताओं की सहमति नहीं ली गई है, उनके पुराने मीटर बहाल किए जाएं। इसके अतिरिक्त, स्थानीय स्तर पर उपभोक्ताओं की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए एक प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी मांग की गई है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि इन समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए एक बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।
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मुरादाबाद में स्मार्ट मीटर पर विवाद:उपभोक्ता संगठन ने बिना सहमति मीटर लगाने पर डीएम को सौंपा ज्ञापन