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कानपुर के रावतपुर में साइबर ठगों ने ठगी का नया तरीका अपनाते हुए एक व्यक्ति से 8.56 लाख रुपए ठग लिए। ठग ने खुद को मुंबई क्राइम ब्रांच का आईपीएस अधिकारी बताकर साइबर अपराध में फंसाने और गिरफ्तारी की धमकी दी। फर्जी दस्तावेज भेजकर पीड़ित को इतना डराया कि उसने 23 जुलाई को बताए गए बैंक खाते में आरटीजीएस के जरिए पूरी रकम ट्रांसफर कर दी। रकम भेजने के बाद भी आरोपी लगातार संपर्क करता रहा, जिससे पीड़ित को शक हुआ। जानकारी करने पर पता चला कि फोन करने वाला कोई पुलिस अधिकारी नहीं, बल्कि साइबर ठग था। शिकायत मिलने पर रावतपुर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर साइबर सेल की मदद से जांच शुरू कर दी है। मुंबई क्राइम ब्रांच का अधिकारी बनकर किया फोन मसवानपुर निवासी राजेंद्र कुमार कुशवाहा ने बताया कि 22 जुलाई को उनके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को मुंबई क्राइम ब्रांच का आईपीएस अधिकारी विजय खन्ना बताया। उसने कहा कि राजेंद्र का नाम एक साइबर अपराध मामले में सामने आया है और कार्रवाई से बचने के लिए सहयोग करना होगा। फर्जी दस्तावेज भेजकर बनाया दबाव आरोपी ने खुद को असली अधिकारी साबित करने के लिए पीड़ित के मोबाइल पर कुछ फर्जी दस्तावेज भी भेजे। इसके बाद गिरफ्तारी, कानूनी कार्रवाई और मुकदमे का डर दिखाकर लगातार मानसिक दबाव बनाया। घबराए पीड़ित ने उसकी बातों पर भरोसा कर लिया। RTGS से ट्रांसफर कराए 8.56 लाख रुपए साइबर ठग के झांसे में आकर राजेंद्र ने 23 जुलाई को उसके बताए बैंक खाते में आरटीजीएस के जरिए 8 लाख 56 हजार रुपए ट्रांसफर कर दिए। रकम भेजने के बाद भी आरोपी की ओर से लगातार कॉल आने लगीं, जिससे उन्हें शक हुआ। जांच करने पर उन्हें ठगी का एहसास हुआ। पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा ठगी की जानकारी होने पर राजेंद्र ने रावतपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर साइबर सेल की मदद से जांच शुरू कर दी है। पुलिस मोबाइल नंबर, बैंक खाते और ट्रांजेक्शन से जुड़े तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। थाना प्रभारी कमलेश राय ने बताया कि मामले की जांच जारी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि कोई खुद को पुलिस, सीबीआई, क्राइम ब्रांच या किसी जांच एजेंसी का अधिकारी बताकर फोन करे और रुपए मांगने या ट्रांसफर करने का दबाव बनाए, तो घबराएं नहीं। पहले संबंधित थाने या साइबर हेल्पलाइन पर इसकी पुष्टि करें और किसी अज्ञात खाते में पैसे ट्रांसफर न करें।
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मुंबई क्राइम ब्रांच का फर्जी IPS बनकर की ठगी:कानपुर में गिरफ्तारी का डर दिखाकर 8.56 लाख का RTGS कराया, जांच शुरू