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लखनऊ के कैसरबाग स्थित कला मंडपम में शुक्रवार को सावन महोत्सव के तहत लोकसंगीत की एक विशेष शाम का आयोजन किया गया। पद्मश्री लोक गायिका मालिनी अवस्थी ने अपनी मधुर आवाज में सावन और कजरी के गीत प्रस्तुत किए, जिससे पूरा प्रेक्षागृह तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। कार्यक्रम का शुभारंभ सावन के पारंपरिक गीतों से हुआ। मालिनी अवस्थी ने ‘सावन ए सखि सगरो सुहावन, रिमझिम बरसेला मेघ रे…’ और ‘रामा गजब ढाए ये पुरवइया…’ जैसे लोकगीत सुनाए। उनकी प्रस्तुति ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। गीतों के माध्यम से अवध और पूर्वी उत्तर प्रदेश की लोक परंपराएं मंच पर जीवंत हो उठीं। मालिनी अवस्थी ने लगातार सावन और कजरी की कई प्रस्तुतियां दीं। उनकी गायकी में ग्रामीण परिवेश, सावन की फुहारों और पूर्वी हवाओं की मिठास स्पष्ट रूप से महसूस की जा सकती थी। इस अवसर पर कला, साहित्य और समाज से जुड़ी कई प्रमुख हस्तियां उपस्थित रहीं। इनमें पूर्व वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी अवनीश अवस्थी, ऊषा अवस्थी, पुष्कर, जयंती कृष्णा, रूप रेखा और रंगकर्मी सुरभि सिंह सहित शहर के कई गणमान्य व्यक्ति शामिल थे।
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मालिनी अवस्थी ने लखनऊ में छेड़ी लोकगीतों की तान:कैसरबाग के कला मंडपम में सावन महोत्सव की सजी खास शाम